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डूसू चुनाव 2026: 2.75 लाख छात्र आज करेंगे मतदान, 600 पुलिसकर्मी तैनात

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डूसू चुनाव 2026: 2.75 लाख छात्र आज करेंगे मतदान, 600 पुलिसकर्मी तैनात

सारांश

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव इस बार महज रस्म नहीं हैं — परीक्षा घोटाले और PG बिल्डिंग हादसे के बाद 2.75 लाख छात्रों का गुस्सा और उम्मीद दोनों बैलेट बॉक्स तक पहुँची हैं। एबीवीपी बनाम एनएसयूआई की यह लड़ाई दिल्ली की छात्र राजनीति का अगला रुख तय करेगी।

मुख्य बातें

डूसू चुनाव 2026 के लिए 19 सितंबर को दो पालियों में मतदान — सुबह 8:30 से 1 बजे और दोपहर 3 से 7:30 बजे ।
2.75 लाख से अधिक छात्र मतदाता पंजीकृत; नतीजे 20 सितंबर को घोषित होंगे।
सुरक्षा के लिए 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, 150 अधिकारियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए गए।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास बनाम एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा प्रमुख मुकाबला; कुल 25 उम्मीदवार ।
चुनाव जुलाई 2026 के परीक्षा-विरोध प्रदर्शन और सत्य निकेतन PG बिल्डिंग हादसे की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं।
प्रथम वर्ष के छात्र आधार, पैन, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाकर वोट डाल सकते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2026 के लिए शुक्रवार, 19 सितंबर को मतदान होगा, जिसमें 2.75 लाख से अधिक छात्र अपना वोट डालेंगे। अधिकारियों के अनुसार, नतीजे शनिवार, 20 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह चुनाव दो अलग-अलग पालियों में कराया जाएगा।

मतदान का समय और व्यवस्था

मतदान दो चरणों में होगा। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक चलेगी। ईवीएम के माध्यम से मतदान संपन्न कराया जाएगा। इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय में नव-प्रवेशित प्रथम वर्ष के छात्र भी मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।

जिन प्रथम वर्ष के छात्रों के कॉलेज आईडी कार्ड अभी जारी नहीं हुए हैं, वे वैध शुल्क रसीद के साथ सरकारी पहचान पत्र — जैसे आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस — दिखाकर वोट डाल सकते हैं। द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए वैध कॉलेज पहचान पत्र अनिवार्य है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली पुलिस ने चुनाव के मद्देनजर 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को कैंपस में तैनात किया है। 150 से अधिक अधिकारियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए गए हैं ताकि मतदान के दौरान की हर गतिविधि दर्ज की जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि परिसर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

महिला कॉलेजों में महिला कॉन्स्टेबल की विशेष तैनाती की गई है, ताकि महिला मतदाताओं के लिए सुरक्षित और सहज वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्य मुकाबला और उम्मीदवार

इस चुनाव में मुख्य टक्कर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बीच है। डूसू अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के यश डबास का मुकाबला एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा से है। अध्यक्ष पद के लिए कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं।

उपाध्यक्ष पद के लिए 20, सचिव पद के लिए 24 और संयुक्त सचिव पद के लिए 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। एबीवीपी की ओर से उपाध्यक्ष पद पर इशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह उम्मीदवार हैं। एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष के लिए वीर छत्रथ, सचिव के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और वामपंथी दल के छात्र संगठन भी इस चुनाव में भागीदारी कर रहे हैं।

चुनाव का व्यापक संदर्भ

डूसू 2026 का यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब विश्वविद्यालय हाल की कई संवेदनशील घटनाओं से उबर रहा है। जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 'जेन जी' छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना ने दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल की गंभीर कमी को उजागर किया था।

गौरतलब है कि इन मुद्दों — परीक्षा पारदर्शिता और आवासीय सुविधाओं की कमी — ने इस बार चुनाव को केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से परे एक छात्र-हित की परीक्षा बना दिया है।

आगे क्या

मतदान की समाप्ति के बाद मतगणना प्रक्रिया शुरू होगी और शनिवार, 20 सितंबर 2026 को चारों पदों के परिणाम घोषित किए जाएंगे। जीतने वाले संगठन के पास आगामी वर्ष के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति की दिशा तय करने का अवसर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार का चुनाव अधिक जटिल पृष्ठभूमि में हो रहा है। जुलाई के परीक्षा-विरोध प्रदर्शन और हॉस्टल संकट ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या छात्र संगठन वास्तविक परिसर-हितों पर ध्यान देते हैं या केवल पार्टी-लाइन से चलते हैं। 600 से अधिक पुलिसकर्मियों और ड्रोन की तैनाती शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की कोशिश तो है, पर यह इस बात की भी याद दिलाती है कि विश्वविद्यालय परिसरों में चुनावी हिंसा की आशंका अभी भी बनी रहती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डूसू चुनाव 2026 में मतदान कब और कैसे होगा?
मतदान 19 सितंबर 2026 को दो पालियों में होगा — पहली पाली सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक। ईवीएम के जरिए वोटिंग होगी और नतीजे 20 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
डूसू अध्यक्ष पद के मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास और एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा के बीच मुख्य मुकाबला है। कुल मिलाकर 25 उम्मीदवार इस पद के लिए मैदान में हैं।
क्या नए छात्र डूसू 2026 में वोट डाल सकते हैं?
हाँ, इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय में नव-प्रवेशित प्रथम वर्ष के छात्र भी मतदान के पात्र हैं। जिनके कॉलेज आईडी कार्ड जारी नहीं हुए, वे शुल्क रसीद के साथ आधार, पैन, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाकर वोट डाल सकते हैं।
डूसू चुनाव 2026 में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
600 से अधिक पुलिसकर्मी कैंपस में तैनात हैं और 150 से अधिक अधिकारियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी होगी तथा महिला कॉलेजों में महिला कॉन्स्टेबल की विशेष तैनाती की गई है।
डूसू 2026 चुनाव किस पृष्ठभूमि में हो रहे हैं?
ये चुनाव जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हुए 'जेन जी' विरोध प्रदर्शन और सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद हो रहे हैं। इन घटनाओं ने हॉस्टल की कमी और परीक्षा पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी है।
राष्ट्र प्रेस
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