13 सितंबर 2026
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डूसू चुनाव 2026: अभाविप का घोषणापत्र जारी, आवास-महिला सुरक्षा-रोजगार पर फोकस

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डूसू चुनाव 2026: अभाविप का घोषणापत्र जारी, आवास-महिला सुरक्षा-रोजगार पर फोकस

सारांश

अभाविप ने डूसू चुनाव 2026 के लिए 'अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम' के चार स्तंभों पर केंद्रित घोषणापत्र जारी किया। सत्य निकेतन हादसे की पृष्ठभूमि में सुरक्षित छात्र आवास और महिला सुरक्षा इस बार चुनावी एजेंडे की धुरी बने हुए हैं।

मुख्य बातें

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने 13 सितंबर 2026 को डूसू चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया।
घोषणापत्र ' अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम ' के चार स्तंभों पर आधारित है।
अध्यक्ष पद पर यश डबास , उपाध्यक्ष पर ईशू मौर्य , सचिव पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पर लक्ष्यराज सिंह प्रत्याशी हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित विद्यार्थी आवास और अग्नि-सुरक्षा मानक प्रमुख मांगों में शामिल।
महिला सुरक्षा के तहत पिंक बूथ , महिला सुरक्षा कर्मी, सैनिटरी मशीनें और आत्मरक्षा प्रशिक्षण का वादा।
एआई, डिजिटल कौशल और रोजगार मेलों के जरिए विद्यार्थियों को उद्योग से जोड़ने की प्रतिबद्धता।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने 13 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र सार्वजनिक किया। संगठन के अनुसार, यह घोषणापत्र 'अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम' के चार व्यापक स्तंभों पर आधारित है, जो विद्यार्थियों की दैनिक जरूरतों और दीर्घकालिक आकांक्षाओं को केंद्र में रखता है।

प्रत्याशी पैनल

डूसू चुनाव में अभाविप की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर ईशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह मैदान में हैं। संगठन का कहना है कि उसके प्रत्याशी विभिन्न महाविद्यालयों, पीजी एवं छात्रावासों में जाकर विद्यार्थियों की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझ रहे हैं।

आवास और सुरक्षा: प्रमुख मुद्दे

सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित विद्यार्थी आवास का मुद्दा लगातार चर्चा में है। घोषणापत्र में नए छात्रावासों का निर्माण, छात्राओं के लिए पर्याप्त आवास, छात्र आवास प्रकोष्ठ एवं हेल्पलाइन की स्थापना को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही पीजी और छात्रावासों में सुरक्षा जांच, अग्नि-सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन, स्वच्छता, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में पिंक बूथ, सुरक्षा गश्त, महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, सैनिटरी नैपकिन मशीनें, स्त्री-रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

शैक्षणिक व्यवस्था में पारदर्शिता

घोषणापत्र में समयबद्ध एवं पारदर्शी परीक्षा परिणाम, पूरक परीक्षाओं की व्यवस्था, उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सुविधा, आंतरिक मूल्यांकन में पारदर्शिता और समय पर डिग्री उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब डीयू के कई विद्यार्थी परीक्षा परिणामों में देरी और मूल्यांकन में अपारदर्शिता की शिकायत करते रहे हैं।

रोजगार और डिजिटल कौशल

विद्यार्थियों के भविष्य को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेले, उद्योगों एवं शोध संस्थानों से संपर्क, प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप, एआई एवं डिजिटल कौशल आधारित अवसर तथा नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाएं घोषणापत्र का अहम हिस्सा हैं।

अध्यक्ष प्रत्याशी का बयान

अभाविप पैनल से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी यश डबास ने कहा, 'घोषणापत्र का अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास और प-परिणाम विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों और उनकी आकांक्षाओं से जुड़े हमारे काम की दिशा को स्पष्ट करता है। जहां एक ओर बाकी संगठन आपसी मतभेदों और आंतरिक खींचतान में उलझे हुए हैं, वहीं अभाविप के प्रत्याशी एकजुट होकर विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर उनके बीच पहुंच रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षित आवास से लेकर महिला सुरक्षा, विश्वविद्यालय की निर्णय प्रक्रिया में विद्यार्थियों की भागीदारी और रोजगार के अवसरों तक, उनका प्रयास हर उस विषय पर काम करने का है जो विद्यार्थी के वर्तमान और भविष्य से जुड़ा है।

गौरतलब है कि डूसू चुनाव दिल्ली विश्वविद्यालय के लाखों विद्यार्थियों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है और इस बार सुरक्षा, आवास व रोजगार जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि आवास निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। 'पिंक बूथ' और 'स्त्री-रोग विशेषज्ञ' जैसे वादे प्रगतिशील हैं, लेकिन डूसू के पास इन्हें लागू करवाने का औपचारिक तंत्र सीमित है। मतदाता विद्यार्थियों को यह देखना होगा कि इरादे कितने व्यावहारिक हैं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभाविप का डूसू चुनाव 2026 घोषणापत्र किस पर केंद्रित है?
अभाविप का घोषणापत्र 'अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम' के चार स्तंभों पर आधारित है। इसमें सुरक्षित विद्यार्थी आवास, महिला सुरक्षा, पारदर्शी शैक्षणिक व्यवस्था और रोजगार के अवसर मुख्य प्राथमिकताएं हैं।
डूसू चुनाव 2026 में अभाविप के प्रत्याशी कौन हैं?
अभाविप की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर ईशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह चुनाव मैदान में हैं।
अभाविप ने महिला सुरक्षा के लिए क्या वादे किए हैं?
अभाविप ने पिंक बूथ, सुरक्षा गश्त, महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, कॉमन रूम, सैनिटरी नैपकिन मशीनें, स्त्री-रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और आत्मरक्षा प्रशिक्षण का वादा किया है। ये मांगें सत्य निकेतन हादसे के बाद और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।
सत्य निकेतन हादसे का डूसू चुनाव से क्या संबंध है?
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास विद्यार्थी आवासों की सुरक्षा और अग्नि-सुरक्षा मानकों का मुद्दा चर्चा में आया। अभाविप ने इसे घोषणापत्र में प्राथमिकता देते हुए पीजी और छात्रावासों की सुरक्षा जांच और अग्नि-सुरक्षा मानकों के पालन को अपने एजेंडे में शामिल किया है।
अभाविप रोजगार और डिजिटल कौशल के लिए क्या करने का वादा कर रही है?
घोषणापत्र में रोजगार मेलों के आयोजन, उद्योगों व शोध संस्थानों से संपर्क, इंटर्नशिप, एआई और डिजिटल कौशल आधारित प्रशिक्षण तथा नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
राष्ट्र प्रेस
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