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क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव में विजय जुलूस पर रोक लगाई?

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क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव में विजय जुलूस पर रोक लगाई?

सारांश

दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनाव में विजय जुलूस पर रोक लगाते हुए कड़े निर्देश दिए हैं। यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। चुनावी माहौल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जानिए इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे की वजह और इसके असर को।

मुख्य बातें

दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनाव में विजय जुलूस पर रोक लगाई।
सुरक्षा के लिए 600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए विशाल इंतजाम किए गए हैं।

नई दिल्ली, 17 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में विजयी उम्मीदवारों द्वारा विजय जुलूस निकालने पर रोककानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए लिया गया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है, लेकिन अगर स्थिति की रिपोर्ट सकारात्मक नहीं रही, तो मतगणना के बाद पदाधिकारियों का कार्य रोक दिया जाएगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय में डूसू चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है। छात्र संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, और राजधानी का माहौल चुनावी रंग में रंगा हुआ है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की है। उत्तरी जिला डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि मतदान के दिन विश्वविद्यालय परिसर में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस होंगे।

साथ ही, परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन भी चुनावी गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। पुलिस ने ट्रैफिक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया है। मतदान के दिन कुछ रास्तों को डायवर्ट किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कुछ मार्गों को पूरी तरह बंद भी किया जा सकता है। खास तौर पर छात्र मार्ग को वाहनों के लिए बंद रखने की योजना बनाई गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

डीसीपी ने बताया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। कॉलेजों में मॉर्निंग और इवनिंग शिफ्ट में छात्रों के लिए वोटिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि सभी छात्र अपने समय के अनुसार मतदान कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह छात्र संगठनों के बीच बढ़ते तनाव को भी नियंत्रित करने में मदद करेगा। जब चुनावी माहौल में इस तरह की सख्ती की जाती है, तो यह दर्शाता है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था को गंभीरता से ले रहा है। ऐसे निर्णयों का स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि ये छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डूसू चुनाव में विजय जुलूस पर रोक क्यों लगाई गई?
दिल्ली हाई कोर्ट ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह निर्णय लिया।
क्या विश्वविद्यालय परिसर में मतदान की कोई विशेष व्यवस्था है?
हां, कॉलेजों में मॉर्निंग और इवनिंग शिफ्ट में छात्रों के लिए वोटिंग की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली पुलिस ने 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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