दिल्ली लक्ष्मी योजना: CM रेखा गुप्ता आज 4,000 महिलाओं को सौंपेंगी आधिकारिक पत्र, 1 सितंबर से खातों में आएगा पैसा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार, 27 अगस्त 2025 को तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत लगभग 4,000 लाभार्थी महिलाओं को आधिकारिक पत्र सौंपेंगी। इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को ₹2,500 मासिक आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी, जिसकी शुरुआत 1 सितंबर 2025 से होगी।
योजना का विस्तार और पंजीकरण की स्थिति
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, अब तक 9.13 लाख महिलाओं ने योजना की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया है, जो दस्तावेज़ सत्यापन के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें से 6.52 लाख महिलाओं ने अपने अंतिम आवेदन जमा कर दिए हैं। यह आँकड़ा योजना के प्रति दिल्ली की महिलाओं के व्यापक उत्साह को दर्शाता है।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 27 वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 48 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी। दिल्ली लक्ष्मी योजना उस चुनावी अभियान के केंद्रीय वादों में से एक थी।
मुख्यमंत्री की तैयारी और निर्देश
मुख्यमंत्री गुप्ता पत्र वितरण की तैयारियों पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रख रही हैं। उन्होंने जिला-स्तरीय समितियों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक आवेदन की कड़ाई से जाँच की जाए ताकि पात्र महिलाओं को बिना देरी के लाभ मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, 'वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जितनी तेज़ी से पूरी होगी, मामलों का निपटारा उतनी ही जल्दी होगा और योग्य महिलाओं को पेंशन देने की प्रक्रिया में भी तेज़ी आएगी।'
मुख्यमंत्री का संदेश — महिला सशक्तिकरण की भावना
23 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री गुप्ता ने लिखा, 'दिल्ली लक्ष्मी योजना का मकसद रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़्यादा आर्थिक मज़बूती, ज़्यादा आत्मविश्वास और ज़्यादा आज़ादी लाना है। पूरी दिल्ली में महिलाओं का जबरदस्त उत्साह दिखाता है कि यह पहल उनकी उम्मीदों से कितनी गहराई से जुड़ी है। उनका भरोसा ही हमारा आशीर्वाद है और काम करने के लिए हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है।'
इससे पहले एक अन्य बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 सितंबर 2025 से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित होना शुरू हो जाएगी और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
आम महिलाओं पर असर
यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो घरेलू कार्यों में संलग्न हैं और जिनकी स्वतंत्र आय नहीं है। ₹2,500 की मासिक सहायता उन्हें छोटे घरेलू खर्चों और व्यक्तिगत ज़रूरतों में आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। यह राशि सीधे बैंक खाते में आने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
आगे चलकर, जैसे-जैसे शेष 9.13 लाख पंजीकृत महिलाओं का सत्यापन पूरा होगा, लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।