होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा दावा: IRGC ने मार गिराया अमेरिकी MQ-1 ड्रोन, तेल टैंकर में भीषण विस्फोट
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को नष्ट कर दिया। IRGC के अनुसार, यह कार्रवाई स्ट्रेट की एयरोस्पेस फोर्स की नई उन्नत वायु रक्षा प्रणाली द्वारा ईरान के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क की निगरानी और नियंत्रण में की गई।
मुख्य घटनाक्रम
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के हवाले से IRGC के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि अमेरिकी ड्रोन को पहले होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से के आसमान में चिह्नित किया गया, इसके बाद उसे मार गिराया गया। IRGC ने यह भी दावा किया कि पिछले सप्ताह भी इसी क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को ईरानी वायु रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट किया गया था।
IRGC के अनुसार, जब से अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है, तब से ईरानी वायु रक्षा बलों ने कथित तौर पर दर्जनों लड़ाकू और जासूसी ड्रोन सहित कई अन्य शत्रु विमानों को मार गिराने का दावा किया है।
तेल टैंकर में विस्फोट और आग
इसी बीच, IRGC नौसेना कमान ने बताया कि 'एल गैया' नामक एक विशाल तेल टैंकर प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसके दौरान वह कथित तौर पर नौसैनिक माइंस (समुद्री बारूदी सुरंगों) से टकरा गया। इस टक्कर के कारण जहाज में बड़ा विस्फोट हुआ और भीषण आग लग गई।
IRGC के आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज में जारी बयान के अनुसार, आग बुझाने के सभी प्रयास विफल रहे और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया। फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट बंद है और उस पर ईरानी नौसेना का नियंत्रण बना हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट का रणनीतिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से सबसे संवेदनशील जलमार्गों में से एक है — दुनिया का लगभग 20% समुद्री तेल यहीं से होकर गुजरता है। स्ट्रेट पर नियंत्रण और ड्रोन मार गिराने के ये दावे क्षेत्रीय तनाव को और गहरा करते हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने इस जलसंधि क्षेत्र में किसी अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया हो। इससे पहले भी ऐसी घटनाओं ने अमेरिका-ईरान के बीच तनाव को नई ऊँचाई पर पहुँचाया है।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
अभी तक अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं आया है। इन घटनाओं के मद्देनजर होर्मुज स्ट्रेट की बंदी का वैश्विक तेल बाजारों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। स्थिति तेज़ी से बदल रही है और आने वाले घंटे बेहद निर्णायक हो सकते हैं।