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आईआरजीसी का दावा: ईरान ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया, तनाव चरम पर

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आईआरजीसी का दावा: ईरान ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया, तनाव चरम पर

सारांश

युद्धविराम के बावजूद अमेरिका-ईरान टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा। आईआरजीसी ने MQ-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया, तो सेंटकॉम ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल साइटों पर हमले की पुष्टि की। होर्मुज स्ट्रेट के पास बंदर अब्बास में धमाके — दुनिया के 20% तेल की आपूर्ति दाँव पर।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने 31 मई को अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को वायु रक्षा मिसाइलों से मार गिराने का दावा किया।
इससे पहले आईआरजीसी ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन गिराने और एक लड़ाकू विमान पर फायरिंग का भी दावा किया था।
सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल साइटों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं पर हमले किए।
बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के 1:30 बजे तीन धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।
दोनों देश औपचारिक रूप से युद्धविराम का दावा कर रहे हैं, लेकिन ज़मीन पर सैन्य टकराव जारी है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार, 31 मई को दावा किया कि उसने अमेरिका के MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है। आईआरजीसी के अनुसार, यह ड्रोन कथित तौर पर ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ था, जिसे वायु रक्षा मिसाइलों से तत्काल निशाना बनाया गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

आईआरजीसी ने बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने ड्रोन का तुरंत पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया। इससे पहले, आईआरजीसी ने अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने एक लड़ाकू विमान पर फायरिंग की, जो कथित तौर पर ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था।

गौरतलब है कि बीते मंगलवार को आईआरजीसी ने चेतावनी दी थी कि यदि युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन होता है, तो उसके पास जवाबी कार्रवाई का 'वैध और निश्चित' अधिकार सुरक्षित है।

अमेरिकी सेना की कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाकर हमले किए। सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा, "निशानों में मिसाइल लॉन्च साइटें और वे ईरानी नौकाएं शामिल थीं जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड युद्धविराम के दौरान संयम बरतते हुए भी अपने सैनिकों की सुरक्षा जारी रखे हुए है।"

इससे पहले गुरुवार की रात भी अमेरिकी सेना ने ईरान में नए हमले किए थे। कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों के अनुसार, इन हमलों में एक ऐसे सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया जिसे वाशिंगटन ने अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्र में चलने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा बताया था। एक अमेरिकी अधिकारी ने इन हमलों को रक्षात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम अभी भी कायम माना जा रहा है।

बंदर अब्बास में विस्फोट

ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित बंदर अब्बास बंदरगाह शहर के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब रात 1:30 बजे (बुधवार 22:00 GMT) तीन धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। इन धमाकों की प्रकृति और कारण की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने स्वयं स्वीकार किया है कि उसने ईरान पर नए 'आत्मरक्षा संबंधी हमले' किए हैं। दोनों पक्ष औपचारिक रूप से युद्धविराम का दावा कर रहे हैं, फिर भी ज़मीनी और समुद्री स्तर पर टकराव की घटनाएँ थम नहीं रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के 'रक्षात्मक हमलों' की परिभाषा दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग है, जिससे स्थिति और अधिक अस्थिर हो सकती है।

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है — दुनिया के लगभग 20% तेल की आपूर्ति इसी से होती है। इस क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल पड़ सकता है।

आगे की स्थिति

फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कूटनीतिक संपर्क की कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़रें होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी क्षेत्र में आने वाले घंटों की गतिविधियों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो युद्धविराम महज़ एक कागज़ी शब्द बन जाता है। होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी बड़े टकराव का असर सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा — वैश्विक तेल आपूर्ति और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि ड्रोन मार गिराने के ये दावे सत्यापित नहीं हैं — और दोनों पक्षों के कथनों को बराबर संदेह की नज़र से परखना ज़रूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरजीसी ने कौन-सा अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया?
आईआरजीसी ने अमेरिका के MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। आईआरजीसी के अनुसार यह ड्रोन ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ था, जिसे वायु रक्षा मिसाइलों से नष्ट किया गया।
अमेरिकी सेना ने ईरान में क्या कार्रवाई की?
सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया। इन्हें 'आत्मरक्षा संबंधी हमले' बताया गया।
बंदर अब्बास में धमाके क्यों हुए?
ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के पास बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के 1:30 बजे तीन धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। इन धमाकों की आधिकारिक वजह की तत्काल पुष्टि नहीं हुई।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम टूट गया है?
दोनों पक्ष औपचारिक रूप से युद्धविराम को कायम बता रहे हैं, लेकिन ज़मीन पर सैन्य घटनाएँ लगातार जारी हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमले रक्षात्मक थे और युद्धविराम अभी भी लागू माना जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का वैश्विक असर क्यों होता है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20% तेल की आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है। इस क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य टकराव से वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और तेल आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर तत्काल असर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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