28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने 10 सैन्य ठिकानों पर किए हमले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने 10 सैन्य ठिकानों पर किए हमले

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के कथित ड्रोन हमले ने सीजफायर को धता बताया — और अमेरिका ने 10 सैन्य ठिकानों पर हमले कर जवाब दिया। 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहे टैंकर एम/टी किकू को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधी चुनौती है।

मुख्य बातें

CENTCOM ने 27 जून 2026 को ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए।
ईरान ने कथित तौर पर पनामा के झंडे वाले टैंकर एम/टी किकू पर ड्रोन हमला किया, जो 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर जा रहा था।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान को पहले सीजफायर समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया था, जिसे उसने नकार दिया।
इससे पहले कमर्शियल जहाज एम/वी एवर लवली पर हमले के बाद भी अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की थी।
CENTCOM ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल शिपिंग जारी है और अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 27 जून 2026 को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए, जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास पनामा के झंडे वाले टैंकर एम/टी किकू पर कथित तौर पर एकतरफा ड्रोन हमला किया। CENTCOM के अनुसार, यह हमला भारतीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे किया गया, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

मुख्य घटनाक्रम

CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि एम/टी किकू पर हमले के समय टैंकर 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। यह वही जलमार्ग है जिसे दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में गिना जाता है। इससे पहले, अमेरिका ने कमर्शियल जहाज एम/वी एवर लवली पर हमले का आरोप ईरान पर लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की थी।

सीजफायर का उल्लंघन

CENTCOM के अनुसार, शुक्रवार को हुई अमेरिकी जवाबी कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने इस समझौते का सम्मान नहीं किया और उसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर गुजर रहे एक टैंकर को निशाना बनाकर स्थिति को और बिगाड़ा।

CENTCOM ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए आधिकारिक बयान में कहा, 'अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर 27 जून को ईरान में कई लक्ष्यों पर अतिरिक्त हमले किए।'

अमेरिका की सैन्य प्रतिक्रिया

CENTCOM के एक अलग बयान के अनुसार, अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज स्ट्रेट में और उसके आसपास 10 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को खतरा पहुँचाने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।

होर्मुज स्ट्रेट की वैश्विक अहमियत

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल निर्यात का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है। इस जलमार्ग में किसी भी तरह की बाधा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है। गौरतलब है कि यह ताजा तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही भू-राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है।

शिपिंग जारी, अमेरिकी सेना सतर्क

CENTCOM ने स्पष्ट किया कि बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का आवागमन जारी है। कमांड ने कहा, 'अमेरिकी सेना चौकन्नी, खतरनाक और तैयार है।' यह बयान इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन इस जलमार्ग को खुला रखने के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस जलमार्ग पर बार-बार हमले अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता को और गहरा कर सकते हैं। अमेरिका का 'सीजफायर-फिर-जवाबी कार्रवाई' का तर्क एक खतरनाक वृद्धि की राह खोलता है, जिसमें हर पक्ष दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाता है। भारत के लिए यह विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा खाड़ी से आने वाले कच्चे तेल पर निर्भर है और इस क्षेत्र में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर ताजा हमले क्यों किए?
CENTCOM के अनुसार, ईरान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पास टैंकर एम/टी किकू पर ड्रोन हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने 27 जून को ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
एम/टी किकू टैंकर पर हमला क्या था?
एम/टी किकू पनामा के झंडे वाला एक कमर्शियल ऑयल टैंकर है, जो 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। CENTCOM के अनुसार, ईरान ने भारतीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे इस पर ड्रोन हमला किया।
होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में से एक है, जो वैश्विक तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। इस जलमार्ग में किसी भी बाधा से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
क्या इन हमलों के बाद भी शिपिंग जारी है?
हाँ, CENTCOM ने पुष्टि की है कि बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का आवागमन जारी है और अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है।
अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव कैसे बढ़ा?
पहले ईरान पर कमर्शियल जहाज एम/वी एवर लवली पर हमले का आरोप लगा, जिसके जवाब में अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद ईरान को सीजफायर का मौका दिया गया, लेकिन कथित तौर पर उसने एम/टी किकू पर फिर हमला कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 4 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले