होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने 10 सैन्य ठिकानों पर किए हमले
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 27 जून 2026 को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए, जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास पनामा के झंडे वाले टैंकर एम/टी किकू पर कथित तौर पर एकतरफा ड्रोन हमला किया। CENTCOM के अनुसार, यह हमला भारतीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे किया गया, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
मुख्य घटनाक्रम
CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि एम/टी किकू पर हमले के समय टैंकर 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। यह वही जलमार्ग है जिसे दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में गिना जाता है। इससे पहले, अमेरिका ने कमर्शियल जहाज एम/वी एवर लवली पर हमले का आरोप ईरान पर लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की थी।
सीजफायर का उल्लंघन
CENTCOM के अनुसार, शुक्रवार को हुई अमेरिकी जवाबी कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने इस समझौते का सम्मान नहीं किया और उसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर गुजर रहे एक टैंकर को निशाना बनाकर स्थिति को और बिगाड़ा।
CENTCOM ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए आधिकारिक बयान में कहा, 'अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर 27 जून को ईरान में कई लक्ष्यों पर अतिरिक्त हमले किए।'
अमेरिका की सैन्य प्रतिक्रिया
CENTCOM के एक अलग बयान के अनुसार, अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज स्ट्रेट में और उसके आसपास 10 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को खतरा पहुँचाने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।
होर्मुज स्ट्रेट की वैश्विक अहमियत
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल निर्यात का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है। इस जलमार्ग में किसी भी तरह की बाधा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है। गौरतलब है कि यह ताजा तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही भू-राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है।
शिपिंग जारी, अमेरिकी सेना सतर्क
CENTCOM ने स्पष्ट किया कि बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का आवागमन जारी है। कमांड ने कहा, 'अमेरिकी सेना चौकन्नी, खतरनाक और तैयार है।' यह बयान इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन इस जलमार्ग को खुला रखने के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा।