सेंटकॉम का दावा: ईरान के सभी ड्रोन-मिसाइल हमले नाकाम, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकाने सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बीती रात ईरान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को पूरी तरह नाकाम करने का दावा किया है। सेंटकॉम के अनुसार, बहरीन स्थित अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय और क्षेत्र के अन्य सैन्य ठिकानों पर किसी भी सफल हमले की पुष्टि नहीं हुई है, और सभी ईरानी हमले विफल रहे।
सेंटकॉम का आधिकारिक बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “कुवैत में मौजूद अमेरिकी बलों पर हमला करने की कोशिश कर रहे ईरानी ड्रोन का एक और हमला आज रात नाकाम कर दिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की एयर डिफेंस प्रणाली ने कई ड्रोन को मार गिराया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अमेरिकी सैनिक या संपत्ति को कोई नुकसान न हो।”
सेंटकॉम ने आगे कहा, “ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का कहना है कि उसने मिसाइलों और ड्रोन की मदद से बहरीन में स्थित अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय और क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया। यह दावा गलत है। अमेरिकी बलों पर हुए सभी ईरानी हमले नाकाम रहे। अमेरिकी सेना सतर्क है और किसी भी बिना उकसावे वाली ईरानी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
आईआरजीसी का जवाबी दावा
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपनी ओर से दावा किया है कि उसने अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन में निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, यह अभियान आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने अंजाम दिया।
सेपाह न्यूज के हवाले से आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई थी। दोनों पक्षों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास है — एक ओर तेहरान सफल निशानेबाज़ी का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर वॉशिंगटन हर हमले को विफल बता रहा है।
तेल टैंकर और होर्मुज जलडमरूमध्य का पहलू
आईआरजीसी ने दावा किया कि मंगलवार देर रात एक अमेरिकी विमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया, जिससे उसके इंजन रूम को कथित तौर पर नुकसान पहुँचा। इसके जवाब में आईआरजीसी की नौसेना ने एमएससी पनाया नामक जहाज पर मिसाइलें दागीं, जिसे उसने अमेरिका और इज़रायल से जुड़े हितों वाला बताया।
क़ेश्म द्वीप और जवाबी कार्रवाई
आईआरजीसी के बयान के अनुसार, इसके बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी क़ेश्म द्वीप पर स्थित उसके एक कम्युनिकेशन टावर को निशाना बनाया। ईरान ने जवाब में एक क्षेत्रीय देश में स्थित अमेरिकी एयर और हेलीकॉप्टर बेस तथा अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
आगे क्या
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुज़रने वाला वैश्विक तेल व्यापार जोखिम में है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावे आने वाले दिनों में स्वतंत्र सत्यापन की माँग को और तेज़ करेंगे।