22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना ने ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' मार गिराए, खाड़ी में तनाव चरम पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना ने ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' मार गिराए, खाड़ी में तनाव चरम पर

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना ने ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' मार गिराए। आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए। खाड़ी देशों ने कड़ी निंदा करते हुए ईरान से हमले रोकने और होर्मुज खोलने की माँग की।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 7 जून को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' मार गिराने की पुष्टि की।
ड्रोन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे थे; अमेरिकी सेना ने उन्हें टकराने से पहले नष्ट किया।
आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर मिसाइल-ड्रोन हमले की पुष्टि की।
बहरीन और कुवैत दोनों ने ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की और होर्मुज को बिना बाधा खोलने की माँग की।
घटना से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ गहरी हुईं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 7 जून को पुष्टि की कि होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को निशाना बना रहे ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' को अमेरिकी सेना ने मार गिराया। सेंटकॉम के अनुसार, ये ड्रोन वाणिज्यिक जहाजों की ओर बढ़ रहे थे और उन्हें टकराने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

सेंटकॉम ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर ये ड्रोन लॉन्च किए थे। अमेरिकी सेना ने दोनों ड्रोन को हवा में ही नष्ट करते हुए किसी भी जहाज को नुकसान पहुँचने से रोका। सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि वह ईरानी आक्रामकता का मुकाबला करने और क्षेत्र में अपना बचाव जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स की कार्रवाई

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान में केशम द्वीप और सिरिक काउंटी पर पहले हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत स्थित अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने की पुष्टि की। आईआरजीसी के अनुसार, यह कार्रवाई केशम आइलैंड पर उसके कम्युनिकेशन टावर पर रात भर हुए अमेरिकी हमले का प्रत्युत्तर था।

खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। बहरीन ने ईरान से अपने हमले तत्काल रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी बाधा के पूरी तरह खोलने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करने की माँग की।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि लगातार हो रहे ये हमले ऐसे समय में खतरनाक तनाव-वृद्धि को दर्शाते हैं, जब वैश्विक प्रयास एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने पर केंद्रित हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन हमलों को किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, और इस जलडमरूमध्य में किसी भी व्यवधान का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है। गौरतलब है कि यह घटना मध्य-पूर्व में पहले से चल रहे संघर्षों की पृष्ठभूमि में घटी है, जिससे समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएँ और गहरी हो गई हैं।

आगे की स्थिति

क्षेत्र में तनाव के और बढ़ने की आशंका है। अमेरिकी सेना ने संकेत दिया है कि वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब खाड़ी देशों और ईरान के बीच अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सीधे आमने-सामने हैं। आईआरजीसी का कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला स्वीकार करना इस संघर्ष को एक नए और खतरनाक स्तर पर ले जाता है। चिंताजनक यह है कि होर्मुज स्ट्रेट — जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है — अब सैन्य कार्रवाई का मैदान बन रहा है, जिसका असर सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने ईरान के कितने ड्रोन मार गिराए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 7 जून को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' मार गिराए गए। ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे थे।
आईआरजीसी ने किन अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया?
आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी के अनुसार यह दक्षिणी ईरान में केशम द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब था।
बहरीन और कुवैत ने ईरानी हमलों पर क्या कहा?
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा है। कुवैत ने इन हमलों को 'खतरनाक तनाव-वृद्धि' करार देते हुए कहा कि इन्हें किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त तेल पारगमन मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस जलडमरूमध्य में किसी भी व्यवधान का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ता है।
खाड़ी में मौजूदा तनाव का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य गतिविधियों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने के प्रयासों में जुटा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले