होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकाबंदी: 17 घंटों में दो जहाजों का रास्ता बदला, ईरान पर हवाई हमले जारी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 15 जुलाई को दावा किया कि ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू किए जाने के बाद पिछले 17 घंटों में अमेरिकी बलों ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया। यह कार्रवाई उसी दिन हुई जब अमेरिका ने ईरानी तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे से दोबारा लागू की।
नाकाबंदी और हवाई हमलों का ब्यौरा
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, 'बुधवार सुबह छह बजे (ईस्टर्न टाइम) से अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने ईरान के खिलाफ कई हवाई हमले शुरू किए हैं।' कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सेना की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल उसने होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया है।
सेंटकॉम ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभियानों का व्यापक मकसद होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है — जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है।
एडमिरल कूपर का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि यह कार्रवाई कमर्शियल जहाजों और पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान के हालिया हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने दावा किया कि 'पिछले सात दिनों में ईरान ने जान-बूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए सात कमर्शियल जहाजों पर हमले किए, जिनमें लगभग 12 नागरिक क्रू मेंबर मारे गए, लापता हुए या घायल हुए।'
कूपर के अनुसार, ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन भी दागे हैं। गौरतलब है कि ये आरोप अमेरिकी सैन्य कमांड की ओर से लगाए गए हैं और ईरान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस व्यापार का एक निर्णायक केंद्र है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव पहले से ही चरम पर है और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है।
यह घटनाक्रम क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव की नई कड़ी है। विश्लेषकों के अनुसार, नाकाबंदी और हवाई हमलों का एक साथ जारी रहना संकेत देता है कि अमेरिकी रणनीति अब केवल प्रतिरोध तक सीमित नहीं, बल्कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीधे निशाना बनाने की ओर बढ़ रही है।
आगे की स्थिति
सेंटकॉम ने कहा है कि अमेरिकी सेना स्थिति पर 'लगातार नज़र बनाए हुए है और नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।' क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर आने वाले दिनों में इस जलमार्ग पर नौवहन और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर वैश्विक नज़र बनी रहेगी।