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कुवैत ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल रोकी, अमेरिकी सेना ने 5 ड्रोन मार गिराए: CENTCOM

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कुवैत ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल रोकी, अमेरिकी सेना ने 5 ड्रोन मार गिराए: CENTCOM

सारांश

ईरान ने कुवैत पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी — कुवैती सेना ने रोकी, अमेरिकी सेना ने 5 ड्रोन नष्ट किए। CENTCOM ने इसे सीजफायर का बड़ा उल्लंघन बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा — होर्मुज स्ट्रेट किसी के नियंत्रण में नहीं जाएगा। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर।

मुख्य बातें

CENTCOM ने पुष्टि की कि ईरान ने 27 मई 2026 की रात कुवैत पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैती सेना ने मार गिराया।
ईरान के पाँच वन-वे अटैक ड्रोन को अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास नष्ट किया; बंदर अब्बास से छठे ड्रोन को भी रोका गया।
यूएई ने हमले को 'आतंकवादी हमला' करार देते हुए कड़ी निंदा की और कुवैत के साथ एकजुटता जताई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और ईरान को इस पर नियंत्रण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
CENTCOM ने इसे सीजफायर का बड़ा उल्लंघन बताया; क्षेत्र में अमेरिकी और खाड़ी देशों की सेनाएँ हाई अलर्ट पर।

यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 28 मई 2026 को पुष्टि की कि ईरान ने 27 मई की रात 10:17 बजे (अमेरिकी पूर्वी समय) कुवैत की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैती सेना ने सफलतापूर्वक मार गिराया। इसके साथ ही ईरानी सेना ने पाँच वन-वे अटैक ड्रोन भी लॉन्च किए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने नष्ट किया।

मुख्य घटनाक्रम

CENTCOM के अनुसार, ईरानी ड्रोन होर्मुज स्ट्रेट में और उसके आसपास स्पष्ट खतरा उत्पन्न कर रहे थे। इसके अलावा, बंदर अब्बास पोर्ट पर ईरानी ग्राउंड कंट्रोल साइट से छठे ड्रोन के प्रक्षेपण को भी रोक लिया गया। CENTCOM ने इसे सीजफायर का बड़ा उल्लंघन करार दिया।

इससे एक दिन पहले, बुधवार को कुवैत आर्मी के जनरल स्टाफ ने जनता को सूचित किया था कि देश की वायु रक्षा प्रणाली दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है। सेना ने स्पष्ट किया कि सुनाई दे रहे धमाके वायु रक्षा प्रणाली द्वारा हमलों को रोकने का परिणाम हैं।

यूएई की कड़ी निंदा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने गुरुवार को इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'ईरान का आतंकवादी ड्रोन और मिसाइल हमला' बताया। यूएई के विदेश मंत्रालय (MOFA) ने अपने बयान में कहा, 'ये आतंकवादी हमले कुवैत की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन हैं और उसकी सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं।' मंत्रालय ने कुवैत के साथ पूर्ण एकजुटता और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के सभी उपायों के लिए समर्थन व्यक्त किया।

ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट पर कड़ा रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान साफ कर दिया कि ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करने की कोई भी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'स्ट्रेट सभी के लिए खुला रहेगा। कोई भी इसे कंट्रोल नहीं करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय पानी है।'

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने चल रही परमाणु वार्ता के दौरान इस रणनीतिक तेल शिपिंग मार्ग पर नियंत्रण की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।

व्यापक संदर्भ और क्षेत्रीय तनाव

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, और इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है। कुवैत में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा रही है।

आगे की स्थिति

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। CENTCOM और खाड़ी देशों की सेनाएँ हाई अलर्ट पर हैं। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर घटनाक्रम तेज़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ ईरानी सेना कुवैत पर मिसाइल दाग रही है — यह विरोधाभास नीति की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है। होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का कड़ा बयान घरेलू राजनीति के लिए भले ही उपयोगी हो, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अमेरिका बातचीत की मेज और युद्धक्षेत्र — दोनों पर एक साथ दबाव बनाए रख सकता है। खाड़ी देशों की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति इस समीकरण के केंद्र में है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने कुवैत पर बैलिस्टिक मिसाइल कब दागी?
CENTCOM के अनुसार, ईरान ने 27 मई 2026 की रात 10:17 बजे (अमेरिकी पूर्वी समय) कुवैत की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जिसे कुवैती सेना ने सफलतापूर्वक रोक लिया।
CENTCOM ने ईरान के ड्रोन हमले के बारे में क्या कहा?
CENTCOM ने कहा कि ईरान ने पाँच वन-वे अटैक ड्रोन होर्मुज स्ट्रेट में और उसके आसपास लॉन्च किए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने नष्ट किया। बंदर अब्बास पोर्ट पर ग्राउंड कंट्रोल साइट से छठे ड्रोन को भी रोका गया। CENTCOM ने इसे सीजफायर का बड़ा उल्लंघन बताया।
यूएई ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने हमले को 'ईरान का आतंकवादी ड्रोन और मिसाइल हमला' करार देते हुए कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि ये हमले कुवैत की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन हैं और उसने कुवैत के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का क्या रुख है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में स्पष्ट कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और ईरान को इस पर नियंत्रण की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी, भले ही परमाणु वार्ता जारी रहे।
इस घटना का पश्चिम एशिया की स्थिति पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता चल रही है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा हो सकता है। CENTCOM और खाड़ी देशों की सेनाएँ हाई अलर्ट पर हैं और होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी अस्थिरता का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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