मिस्र की कुवैत-बहरीन पर ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा, 'संप्रभुता का उल्लंघन' बताया
सारांश
मुख्य बातें
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने 6 जून 2026 को कुवैत और बहरीन को निशाना बनाए गए कथित ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। काहिरा ने इन हमलों को दोनों खाड़ी देशों की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता के लिए 'खतरनाक उकसावे' की कार्रवाई करार दिया।
मिस्र का आधिकारिक रुख
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह कुवैत और बहरीन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश अपनी सुरक्षा, स्थिरता और महत्वपूर्ण ढाँचागत परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाएँगे, मिस्र उनका पूर्ण समर्थन करेगा।
बयान में यह भी रेखांकित किया गया कि अरब खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता, अरब राष्ट्रीय सुरक्षा की एक बुनियादी आधारशिला है। मिस्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी ऐसे कार्य या नीति को पूरी तरह खारिज करता है जो किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करे या उसकी क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डाले।
हमलों का घटनाक्रम
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार सुबह दावा किया कि उसने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमला किया। CENTCOM ने इसके बाद पुष्टि की कि उसने ईरान की ओर से बहरीन और कुवैत की दिशा में भेजी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयान के अनुसार, 5 जून को ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में 4 एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भेजे, जिन्हें अमेरिकी बलों ने मार गिराया। ये ड्रोन क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।
ड्रोन हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन के अनुसार इनमें से 6 मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचने में विफल रही।
ईरानी दावे खारिज
ईरान के उस दावे को भी खारिज कर दिया गया है जिसमें कहा गया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा है। CENTCOM ने इस दावे को निराधार बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, और इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव के वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर गहरे परिणाम हो सकते हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
मिस्र ने चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाएँ पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और इससे तनाव और अधिक बढ़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, मिस्र की यह प्रतिक्रिया अरब लीग के व्यापक रुख को भी दर्शाती है, जो खाड़ी देशों की संप्रभुता के प्रति एकजुटता का संकेत है।
आने वाले दिनों में अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएँ यह तय करेंगी कि यह तनाव कूटनीतिक मार्ग से सुलझता है या क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता है।