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कुवैत एयरस्पेस फिर खुला: ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों के बाद 2 घंटे की रोक हटाई, 11 उड़ानें डायवर्ट हुई थीं

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कुवैत एयरस्पेस फिर खुला: ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों के बाद 2 घंटे की रोक हटाई, 11 उड़ानें डायवर्ट हुई थीं

सारांश

ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत ने 2 घंटे के लिए एयरस्पेस बंद किया, 11 उड़ानें डायवर्ट हुईं। IRGC ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। बहरीन ने सभी 7 मिसाइलें इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की और ईरान से तत्काल हमले रोकने की माँग की।

मुख्य बातें

कुवैत सिविल एविएशन अथॉरिटी ने 6 जून को सुबह 4:15 से 6:15 बजे तक एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया।
कुवैत एयरवेज और जजीरा एयरवेज की 11 उड़ानें दम्माम और रियाद डायवर्ट की गईं, सभी सुरक्षित लौटीं।
ईरान की ओर से कथित तौर पर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें बहरीन और कुवैत की दिशा में दागी गईं।
IRGC ने कुवैत में 2 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े को निशाना बनाने का दावा किया।
बहरीन ने सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की; 20,000 से अधिक फंसे नाविकों को छोड़ने की माँग की।

कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार, 6 जून को पुष्टि की कि देश का हवाई क्षेत्र फिर से सामान्य परिचालन पर लौट आया है। इससे पहले ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते सुबह 4:15 बजे से 6:15 बजे IST तक एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद रखा गया था। यह खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का सीधा असर था, जिसने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन को भी प्रभावित किया।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, कुवैत एयरवेज और जजीरा एयरवेज की कुल 11 उड़ानों को नज़दीकी हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इनमें से अधिकांश उड़ानें सऊदी अरब के दम्माम और रियाद एयरपोर्ट पर उतारी गईं। एविएशन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कदम 'मिसाइल और ड्रोन खतरे' के मद्देनज़र एहतियाती उपाय के रूप में उठाया गया था।

संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद जब स्थिति नियंत्रण में आई, तब हवाई यातायात दोबारा बहाल किया गया। डायवर्ट की गई सभी 11 उड़ानें सुरक्षित रूप से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस लौट आईं।

ईरानी हमलों का दावा

कथित तौर पर शनिवार को ईरान की ओर से बहरीन और कुवैत की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का दावा किया गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत में स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े को निशाना बनाया। IRGC ने इसे अमेरिका की कार्रवाई का जवाब बताया।

यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है। गौरतलब है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पहले से ही समुद्री गतिविधियों को लेकर विवाद का केंद्र बना हुआ है।

बहरीन की प्रतिक्रिया

बहरीन विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया। मनामा ने कहा कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया और इसके लिए अपनी तथा कुवैत की सेनाओं की सतर्कता की सराहना की।

बहरीन ने ईरान से तत्काल हमले रोकने, होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने, समुद्री बारूदी सुरंगों की जानकारी साझा करने और फंसे हुए 20,000 से अधिक नाविकों को सुरक्षित निकलने देने की माँग की।

आम जनता और यात्रियों पर असर

एयरस्पेस बंद रहने के दो घंटों के दौरान हज़ारों यात्री प्रभावित हुए। हालाँकि अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि संचालन उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुसार बहाल किया गया है। खाड़ी क्षेत्र में इस तरह की अस्थायी एयरस्पेस बंदी व्यापार और पर्यटन पर भी दीर्घकालिक असर डाल सकती है।

क्या होगा आगे

खाड़ी देशों की सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं। क्षेत्रीय विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम नहीं होता, तब तक खाड़ी के हवाई और समुद्री मार्गों पर अनिश्चितता बनी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना खाड़ी क्षेत्र में उड्डयन सुरक्षा की बढ़ती भेद्यता को उजागर करती है — 2019 में सऊदी अरामको हमले के बाद यह क्षेत्र की सबसे सीधी नागरिक उड्डयन बाधा है। IRGC का अमेरिकी ठिकानों को खुलेआम निशाना बनाने का दावा संघर्ष के एक नए, अधिक टकरावपूर्ण चरण का संकेत देता है। बहरीन द्वारा 20,000 नाविकों की रिहाई की माँग यह बताती है कि होर्मुज़ का समुद्री संकट अब केवल कूटनीतिक नहीं, मानवीय भी बन चुका है। मुख्यधारा की कवरेज हवाई यातायात की बहाली पर केंद्रित है, जबकि असली सवाल यह है कि खाड़ी देश अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के कारण बढ़ते जोखिम को कब तक झेलते रहेंगे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुवैत का एयरस्पेस क्यों बंद किया गया था?
कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने 6 जून को ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के चलते एहतियाती उपाय के रूप में सुबह 4:15 से 6:15 बजे तक एयरस्पेस बंद किया। स्थिति नियंत्रण में आने की पुष्टि के बाद हवाई यातायात बहाल कर दिया गया।
कुवैत एयरस्पेस बंद होने से कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं?
कुवैत एयरवेज और जजीरा एयरवेज की कुल 11 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिन्हें सऊदी अरब के दम्माम और रियाद एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। एयरस्पेस खुलने के बाद सभी उड़ानें सुरक्षित रूप से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस लौट आईं।
IRGC ने कुवैत और बहरीन पर हमले का दावा क्यों किया?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े को निशाना बनाया। IRGC ने इसे अमेरिका की कार्रवाई का जवाब बताया।
बहरीन ने ईरानी मिसाइल हमलों पर क्या कहा?
बहरीन विदेश मंत्रालय ने हमलों को देश की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन बताया और कहा कि सभी 7 मिसाइलें सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर ली गईं। बहरीन ने ईरान से तत्काल हमले रोकने, होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने और 20,000 से अधिक फंसे नाविकों को रिहा करने की माँग की।
खाड़ी क्षेत्र में यात्रियों और नाविकों पर क्या असर पड़ा?
एयरस्पेस बंद रहने के दौरान हज़ारों यात्री प्रभावित हुए, हालाँकि सभी डायवर्ट उड़ानें सुरक्षित लौट आईं। इसके अलावा होर्मुज़ स्ट्रेट में 20,000 से अधिक नाविक कथित तौर पर फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षित निकासी की माँग बहरीन ने ईरान से की है।
राष्ट्र प्रेस
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