कुवैत के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों का ताजातरीन मामला

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कुवैत के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों का ताजातरीन मामला

सारांश

कुवैत में हाल ही में ड्रोन हमलों ने सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है। इस स्थिति ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।

Key Takeaways

  • ईरान के ड्रोन हमलों ने कुवैत में सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है।
  • इन हमलों से केवल सामान को नुकसान हुआ है, कोई हताहत नहीं हुआ।
  • भारतीय दूतावास ने रमजान के कारण सेवाएं बंद रखने की सलाह दी है।
  • कुवैत में बिजली और पानी की आपूर्ति स्थिर है, हालांकि कुछ ट्रांसमिशन लाइनें बंद हुई हैं।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में ईरान द्वारा जारी आक्रमणों के कारण एक चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हो गई है। ईरान पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में लगातार हमले कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों की तीव्र आलोचना की जा रही है।

कुवैत की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, कुवैत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कई ड्रोन हमले हुए हैं। इन हमलों से केवल सामान को नुकसान पहुंचा है।

इजरायली वॉर रूम ने कहा, "कुवैत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को ईरान के आतंकी शासन से जुड़े कई ड्रोन ने निशाना बनाया है, जिससे सामान को क्षति की सूचना है। अरब देशों पर ईरान का आक्रमण बढ़ता जा रहा है और यह पूरे मिडिल ईस्ट में आम जनता को धमका रहा है।"

मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अराक प्रांत के एक औद्योगिक शहर पर हुए हमले में सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई गई है।

अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में छह 'उत्पादन इकाइयों' को नुकसान पहुंचा है। अराक एक औद्योगिक शहर है, जहां एक न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी स्थित है, जो पूर्व में भी इजरायली हमलों का शिकार हो चुका है।

वर्तमान स्थिति के बीच, कुवैत में भारतीय दूतावास ने नई सलाह जारी कर अपनी चारों यूनिटों के पते साझा किए हैं। दूतावास ने बताया कि रमजान के कारण शुक्रवार को एंबेसी की सेवाएं बंद रहेंगी।

भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित पते साझा किए हैं: पहला, कुवैत सिटी: तीसरा फ्लोर, अल जवाहरा टावर (इंडिगो एयरलाइंस वाली बिल्डिंग), अली अल सलेम स्ट्रीट; दूसरा, जलीब अल शौयाखः एम फ्लोर, नेस्टो हाइपरमार्केट बिल्डिंग (ओल्ड ऑलिव हाइपरमार्केट); तीसरा, फहहीलः अल अनौद शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, एम फ्लोर, मक्का स्ट्रीट; और चौथा जहराः अल खलीफा बिल्डिंग, बिल्डिंग नंबर 27, दूसरा फ्लोर, ऑफिस नंबर 3 और 14, ब्लॉक 93 है।

दूतावास ने कहा कि किसी आपात स्थिति या प्रश्न के लिए दूतावास की हेल्पलाइन +965 6550 1946 पर कॉल करके या 'कम्युनिटीडॉटकुवैतडॉटजीओवीडॉटइन' पर ईमेल भेजकर संपर्क किया जा सकता है।

कुवैत के बिजली मंत्रालय ने बताया कि ड्रोन से निकले मलबे के इंफ्रास्ट्रक्चर पर गिरने के बाद कुवैत में छह बिजली ट्रांसमिशन लाइनें बंद हो गईं। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि पूरे देश में बिजली और पानी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।

दूसरी ओर, इटली के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कुर्द इलाके के एरबिल में इटली के सैन्य बेस पर रात में एक मिसाइल से हमला हुआ, लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

Point of View

बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव को बढ़ा दिया है। यह आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति का ध्यान रखे और उचित कदम उठाए।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

कुवैत में ड्रोन हमले कब हुए?
कुवैत में ड्रोन हमले 12 मार्च को हुए।
क्या इन हमलों में कोई हताहत हुआ?
इन हमलों में सामान को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
ईरान के हमलों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?
ईरान के हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना की जा रही है।
भारतीय दूतावास ने क्या सलाह जारी की है?
भारतीय दूतावास ने रमजान के कारण शुक्रवार को अपनी सेवाएं बंद रखने की सलाह दी है।
क्या कुवैत में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है?
हां, ड्रोन मलबे के गिरने से छह बिजली ट्रांसमिशन लाइनें बंद हो गईं, लेकिन बिजली और पानी की आपूर्ति स्थिर है।
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