13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान के जवाबी हमलों से खाड़ी में हलचल: जॉर्डन ने 4 मिसाइलें मार गिराईं, बहरीन में सायरन, कुवैत का एयरस्पेस अलर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान के जवाबी हमलों से खाड़ी में हलचल: जॉर्डन ने 4 मिसाइलें मार गिराईं, बहरीन में सायरन, कुवैत का एयरस्पेस अलर्ट

सारांश

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी के तीन देशों — बहरीन, कुवैत और जॉर्डन — में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से चार चरणों में हमले किए। जॉर्डन ने 4 मिसाइलें हवा में नष्ट कीं, बहरीन में सायरन बजा और कुवैत ने एयरस्पेस अलर्ट जारी किया।

मुख्य बातें

ईरान ने 13 जुलाई को अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन , कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए।
जॉर्डन की सेना ने ईरान की 4 मिसाइलें हवा में नष्ट कीं; बहरीन में सायरन बजाया गया।
आईआरजीसी ने दावा किया कि कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम , 2 हिमार्स और एम्युनिशन डिपो नष्ट किए।
बहरीन के ईसा एयर बेस पर पी-8 एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पहली बार वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और सी ड्रोन का इस्तेमाल किया।
संघर्ष की शुरुआत होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को रोके जाने से जुड़ी बताई जा रही है।

कुवैत सिटी, 13 जुलाई — अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने सोमवार को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में हवाई अलर्ट जारी हो गया। जॉर्डन की सेना ने ईरान की चार मिसाइलें हवा में ही नष्ट कर दीं, जबकि बहरीन में सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। यह संघर्ष तब और गहरा गया जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के कई चरणों की जानकारी दी।

मुख्य घटनाक्रम

ईरान ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्र पर अमेरिकी हमलों का सीधा जवाब है। आईआरजीसी के अनुसार, जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी की एयर फोर्स ने बहरीन के ईसा एयर बेस पर भी हमला किया।

तीनों देशों ने रविवार को भी हवाई हमलों की सूचना दी थी, जो दर्शाता है कि यह संघर्ष लगातार दो दिनों से जारी है।

कुवैत और बहरीन की प्रतिक्रिया

कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा बयान में कहा, 'सुरक्षा बल अभी कुवैती एयरस्पेस में दुश्मन के हवाई टारगेट का सामना कर रहे हैं। आर्मी के जनरल स्टाफ ने बताया है कि अगर कोई धमाके की आवाज सुनाई देती है, तो वह एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने का नतीजा है। सभी से अनुरोध है कि वे जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।'

बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करते हुए कहा, 'सायरन बज गया है। नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है।'

आईआरजीसी के हमलों का विवरण

आईआरजीसी ने बताया कि जवाबी कार्रवाई के दूसरे चरण में बहरीन के ईसा एयरबेस पर अमेरिकी हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस और रिपेयर फैसिलिटी, पी-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट वाले हैंगर और अमेरिकी सेना के ड्रोन ऑपरेशन के कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया।

तीसरे और चौथे चरण में कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल जाबेर एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्षित किया गया। आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के दावे के अनुसार, अली अल सलेम में फ्यूल स्टोरेज टैंक, एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और अहमद अल जाबेर पर एक एफपीएस स्ट्रेटेजिक रडार सिस्टम को नष्ट किया गया। इसके अलावा, आईआरजीसी के अनुसार, कुवैत में दो हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (हिमार्स) और मिसाइलों से भरे एम्युनिशन डिपो को भी नष्ट किया गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का खुलासा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने रविवार को ईरान के खिलाफ हमलों में पहली बार वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल किया। हालाँकि, कमांड ने ड्रोन के प्रकार या संख्या का खुलासा नहीं किया।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लो-कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम (एलयूसीएएस) तैनात किया, जो ईरान के डिज़ाइन किए गए शाहेद 136 ड्रोन की अनुकृति बताया जाता है — वही ड्रोन जिसका रूस ने यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। गौरतलब है कि आईआरजीसी ने इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत उन दो जहाजों को रोकने से जोड़ी, जिन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर बिना अनुमति रूट लिया था।

क्या होगा आगे

यह संघर्ष खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और ईरान की जवाबी क्षमता के बीच सीधे टकराव का संकेत है। होर्मुज स्ट्रेट — जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है — पर तनाव के वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दूरगामी असर पड़ने की आशंका है। तीनों देशों में नागरिक सुरक्षा अलर्ट अभी भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ तीन सहयोगी देशों के ठिकानों पर एक साथ हमले हुए। चिंताजनक पहलू यह है कि अमेरिका ने खुद पहली बार 'वन-वे अटैक ड्रोन' — जो ईरानी शाहेद की अनुकृति हैं — का इस्तेमाल किया, जो रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिसकी कीमत भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को भी चुकानी पड़ सकती है। मुख्यधारा की कवरेज हमलों की गिनती पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह टकराव नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की सीमा में रहेगा या व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ेगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले क्यों किए?
ईरान ने कहा कि यह हमले उसके क्षेत्र पर अमेरिकी हमलों का सीधा जवाब हैं। आईआरजीसी ने चार चरणों में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
जॉर्डन ने ईरान की कितनी मिसाइलें नष्ट कीं?
जॉर्डन की सेना ने ईरान की चार मिसाइलें हवा में ही नष्ट कर दीं। जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस को आईआरजीसी ने मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया था।
बहरीन में सायरन क्यों बजाया गया?
बहरीन के गृह मंत्रालय ने हवाई हमले की आशंका के चलते सायरन बजाया और नागरिकों से शांत रहकर निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। आईआरजीसी ने बहरीन के ईसा एयर बेस पर हमले का दावा किया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कौन-से नए हथियार इस्तेमाल किए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पहली बार वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल किया। इनमें लो-कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम (एलयूसीएएस) शामिल था, जो ईरानी शाहेद 136 ड्रोन की अनुकृति बताया जाता है।
होर्मुज स्ट्रेट का इस संघर्ष से क्या संबंध है?
आईआरजीसी ने बताया कि उसने दो जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में रोका क्योंकि उन्होंने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर बिना अनुमति रूट लिया था। इन जहाजों को रोकने के बाद हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने यह जवाबी कार्रवाई शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. कल
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले