13 जुलाई 2026
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लाडली बहिन योजना से लाखों नाम हटाए जाने पर सांसद अरविंद सावंत का सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

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लाडली बहिन योजना से लाखों नाम हटाए जाने पर सांसद अरविंद सावंत का सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने लाडली बहिन योजना से लाखों महिलाओं के नाम हटाए जाने को चुनावी दुरुपयोग का मामला बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की — साथ ही मंत्री नितेश राणे के बयान को ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने 13 जुलाई को मुंबई में लाडली बहिन योजना से लाखों महिला लाभार्थियों के नाम हटाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए।
सावंत ने आरोप लगाया कि जनता के धन का उपयोग विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया, जो संविधान की भावना के विपरीत है।
योजना में कुछ पुरुषों द्वारा कथित तौर पर अनुचित लाभ उठाने के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
उद्धव ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनम वांगचुक और युवा रोज़गार जैसे मुद्दे उठाए गए, जिन्हें संसद में भी उठाने की बात कही गई।
मंत्री नितेश राणे के आमिर खान की शादी पर दिए बयान को सावंत ने 'ध्यान भटकाने वाला' करार दिया।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने 13 जुलाई को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र सरकार की 'लाडली बहिन' योजना से बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों के नाम हटाए जाने को गंभीर मामला बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया।

लाखों महिलाओं के नाम हटाए जाने का मामला

सावंत ने कहा कि उन्होंने महीने की शुरुआत में भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी और लाडली बहिन योजना से लाखों महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने तर्क दिया, 'विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में महिलाओं और उनके परिवारों ने मतदान किया था। यदि प्रत्येक परिवार के औसतन तीन वोटों का अनुमान लगाया जाए तो यह संख्या करोड़ों तक पहुँचती है।'

सावंत के अनुसार, 'जनता के धन का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत है।' उन्होंने यह भी कहा कि योजना में कुछ पुरुषों द्वारा कथित तौर पर अनुचित तरीके से लाभ उठाने के मामले सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उद्धव ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस का संदर्भ

सांसद सावंत ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए बताया कि उसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद का सत्र जारी है और पार्टी इन विषयों को लगातार उठाती रहेगी। युवाओं के भविष्य और रोज़गार से जुड़े सवाल विपक्ष की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर हैं।

मंत्री नितेश राणे के बयान पर प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर दिए गए बयान पर सावंत ने कहा कि देश के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं और इस प्रकार के बयान केवल सार्वजनिक विमर्श का ध्यान भटकाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को अनावश्यक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।

हिंदू-मुस्लिम विवाद की ओर ध्यान भटकाने का आरोप

सावंत ने यह भी कहा कि जब भी कोई बड़ा जनहित का मुद्दा सामने आता है, तब चर्चा को साम्प्रदायिक विवादों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे वास्तविक जनहित के सवालों — जैसे रोज़गार, महिला कल्याण और संवैधानिक मूल्यों — पर ध्यान केंद्रित रखें। आने वाले संसद सत्र में विपक्ष इन मुद्दों को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्यापन की माँग करता है — लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने अब तक नाम हटाने के मानदंड सार्वजनिक नहीं किए हैं। यह पारदर्शिता की कमी ही विपक्ष को सबसे बड़ा हथियार दे रही है। मंत्री राणे के बयान पर सावंत की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक रूप से सटीक है — असली चुनौती यह है कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को संसद में ठोस आँकड़ों के साथ उठा पाएगा या केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाडली बहिन योजना से लाभार्थियों के नाम क्यों हटाए गए?
महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों के नाम योजना की सूची से हटाए हैं, हालाँकि सरकार ने इसके मानदंड सार्वजनिक नहीं किए हैं। शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने इसे गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अरविंद सावंत ने लाडली बहिन योजना पर क्या आरोप लगाए?
सावंत ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना का उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया और जनता के धन का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पुरुषों ने कथित तौर पर अनुचित तरीके से योजना का लाभ उठाया, जिसकी जांच होनी चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) संसद में कौन से मुद्दे उठाने की तैयारी में है?
पार्टी युवाओं के रोज़गार, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दे और महिला कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता के सवाल संसद सत्र में उठाने की योजना बना रही है। उद्धव ठाकरे की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन्हीं विषयों पर चिंता व्यक्त की गई थी।
मंत्री नितेश राणे के बयान पर सावंत ने क्या कहा?
सावंत ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के आमिर खान की तीसरी शादी पर दिए बयान को सार्वजनिक विमर्श से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि देश के सामने रोज़गार और महिला कल्याण जैसी गंभीर चुनौतियाँ हैं और ऐसे बयानों को अनावश्यक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
लाडली बहिन योजना क्या है और इसका चुनाव से क्या संबंध बताया जा रहा है?
लाडली बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की महिला कल्याण योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। सावंत का आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना के ज़रिए बड़ी संख्या में मतदाताओं को प्रभावित किया गया, और अब चुनाव के बाद लाखों नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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