कलकत्ता हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री मानस भुनिया को भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व सिंचाई मंत्री मानस भुनिया को भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी से सशर्त अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल पीठ ने यह राहत कुछ शर्तों के अधीन दी, जिनका पालन करना भुनिया के लिए अनिवार्य होगा। उन पर आरोप है कि मंत्री रहते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपए वसूले।
अदालत की शर्तें और आदेश
अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत बिना शर्त नहीं है। मानस भुनिया को पश्चिम मिदनापुर जिले के सबांग थाना क्षेत्र से बाहर जाने पर फिलहाल प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा उन्हें जाँच में पूर्ण सहयोग देना होगा और अपना पासपोर्ट स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इन शर्तों का उल्लंघन होने पर राहत वापस ली जा सकती है।
मामले की पृष्ठभूमि
सबांग विधानसभा क्षेत्र की बिष्णुपुर ग्राम पंचायत के एक युवक ने 10 जून 2026 को सबांग पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विधानसभा चुनाव से पूर्व तत्कालीन मंत्री मानस भुनिया की सिफारिश पर उसकी पत्नी को तेमाथानी सिंचाई बंगले में सीआईएसबी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नौकरी दिलाई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बदले उससे ₹5 लाख लिए गए। उसकी पत्नी ने नौकरी ज्वाइन की और पिछले मार्च में वेतन भी मिला, किंतु दो महीने के भीतर ही नौकरी चली गई।
इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूर्व मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की। पुलिस ने भुनिया को कई नोटिस भेजे, लेकिन पहले दो नोटिसों के बाद भी वे पूछताछ के लिए थाने नहीं पहुँचे। इसके बाद उन्होंने नोटिस को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जहाँ अदालत ने उन्हें जाँच में सहयोग करने का निर्देश दिया।
पुलिस पूछताछ और घटनाक्रम
पुलिस ने 9 जुलाई 2026 को नौकरी के बदले रिश्वत लेने के मामले में पूछताछ के लिए मानस भुनिया को समन भेजा। इसके बाद वे सबांग पुलिस थाने में पेश हुए, जहाँ उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई और उनका बयान दर्ज किया गया। थाने से बाहर निकलते समय उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उन्होंने उच्च न्यायालय में अंतरिम सुरक्षा की याचिका दायर की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मानस भुनिया ने सबांग विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम के बाद उन्होंने 13 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस से अलग होने की घोषणा की। भुनिया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।
आगे क्या होगा
अदालत द्वारा दी गई अंतरिम राहत की अगली सुनवाई तक यह सुरक्षा जारी रहेगी, बशर्ते भुनिया सभी शर्तों का पालन करें। पुलिस की जाँच अभी भी जारी है और यह मामला पश्चिम बंगाल में भर्ती भ्रष्टाचार की व्यापक श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। अदालत के अगले आदेश पर सभी की निगाहें टिकी हैं।