13 जुलाई 2026
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सुजीत बोस की ईडी गिरफ्तारी को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती, 29 मई को न्यायमूर्ति शम्पा दत्ता पॉल करेंगी सुनवाई

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सुजीत बोस की ईडी गिरफ्तारी को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती, 29 मई को न्यायमूर्ति शम्पा दत्ता पॉल करेंगी सुनवाई

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुजीत बोस ने चुनाव हारने के सात दिन बाद हुई ईडी गिरफ्तारी को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है। नगरपालिका भर्ती में ₹1.1 करोड़ और ₹2.2 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन के आरोपों के बीच 29 मई को पहली सुनवाई होगी।

मुख्य बातें

पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने 28 मई 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका दायर की।
सुनवाई 29 मई को न्यायमूर्ति शम्पा दत्ता पॉल की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ के समक्ष होगी।
ईडी ने 11 मई को लगभग 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया — चुनाव परिणाम के सात दिन बाद।
आरोप: दक्षिण दमदम नगरपालिका में 150 अयोग्य उम्मीदवारों की नकद के बदले सिफारिश।
लॉकडाउन के दौरान रेस्तरां खाते में ₹1.1 करोड़ और निजी खाते में ₹2.2 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का दावा।
सुजीत बोस बिधाननगर से TMC के तीन बार विधायक रहे; हाल के चुनाव में पराजित।

पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने 28 मई 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ में याचिका दायर कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को कानूनी चुनौती दी है। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 11 मई को हुई थी। मामले की पहली सुनवाई 29 मई को न्यायमूर्ति शम्पा दत्ता पॉल की पीठ के समक्ष निर्धारित है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बार विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में पराजित हो गए थे। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हुए और ठीक सात दिन बाद, 11 मई की रात, लगभग 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद ईडी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनावों से पूर्व ईडी ने उन्हें कई बार समन भेजे थे, किंतु सुजीत बोस ने व्यस्त चुनावी कार्यक्रम का हवाला देते हुए उपस्थित होने से इनकार कर दिया था।

मुख्य आरोप क्या हैं

ईडी के अनुसार, सुजीत बोस ने दक्षिण दमदम नगरपालिका (उत्तर 24 परगना) में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कथित तौर पर 150 अयोग्य उम्मीदवारों की सिफारिश नकद के बदले की और इससे भारी रकम अर्जित की। गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने उनके दफ्तरों और आवास पर छापेमारी की तथा उनके एवं उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की भी जाँच की।

रेस्तरां और संदिग्ध लेन-देन

ईडी अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि सुजीत बोस के स्वामित्व वाले एक रेस्तरां ने 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान करोड़ों रुपए कमाए, जबकि उस अवधि में प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद था। ईडी के वकील ने कोलकाता की एक विशेष मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) अदालत को बताया कि लॉकडाउन के दौरान रेस्तरां के खाते में ₹1.1 करोड़ तथा सुजीत बोस के निजी खाते में ₹2.2 करोड़ स्थानांतरित किए गए थे।

अदालत में याचिका

28 मई को उनके वकील ने गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए याचिका दायर की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। सुजीत बोस फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती से जुड़े कई मामले न्यायिक जाँच के दायरे में हैं।

आगे क्या होगा

29 मई को न्यायमूर्ति शम्पा दत्ता पॉल की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ इस याचिका पर पहली सुनवाई करेगी। अदालत का निर्णय यह तय करेगा कि सुजीत बोस की हिरासत जारी रहेगी या उन्हें अंतरिम राहत मिलती है। इस मामले के नतीजे का असर राज्य में ईडी की जाँच की दिशा पर भी पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष को केंद्र-राज्य टकराव का आख्यान बनाने का अवसर देती है। हालाँकि, ₹2.2 करोड़ के निजी खाते में लेन-देन और लॉकडाउन में बंद रेस्तरां से करोड़ों की कमाई जैसे विशिष्ट आरोप राजनीतिक उत्पीड़न के तर्क को कमज़ोर करते हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ईडी के पास PMLA के तहत 'अनुसूचित अपराध' की श्रृंखला को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज़ी साक्ष्य हैं — क्योंकि अदालतें हाल के वर्षों में ईडी की हिरासत याचिकाओं पर अधिक सतर्क नज़र रख रही हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत बोस कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
सुजीत बोस पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री और बिधाननगर से तृणमूल कांग्रेस के तीन बार विधायक रहे हैं। ईडी ने उन्हें 11 मई 2026 को नगरपालिका भर्ती घोटाले में धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार किया, जिसमें दक्षिण दमदम नगरपालिका में 150 अयोग्य उम्मीदवारों की नकद के बदले सिफारिश का आरोप है।
कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई कब और किसके समक्ष होगी?
29 मई 2026 को न्यायमूर्ति शम्पा दत्ता पॉल की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ के समक्ष पहली सुनवाई होनी है। 28 मई को दायर याचिका को अदालत ने स्वीकार कर लिया है।
ईडी ने सुजीत बोस के खिलाफ क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
ईडी के अनुसार, सुजीत बोस ने कथित तौर पर 150 अयोग्य उम्मीदवारों की नकद के बदले सिफारिश की। इसके अलावा, उनके रेस्तरां खाते में लॉकडाउन के दौरान ₹1.1 करोड़ और निजी खाते में ₹2.2 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का दावा भी किया गया है।
ईडी ने गिरफ्तारी से पहले क्या कार्रवाई की थी?
ईडी ने चुनाव से पहले सुजीत बोस को कई बार समन भेजे थे, लेकिन उन्होंने चुनावी व्यस्तता का हवाला देकर पेश होने से इनकार किया। परिणाम घोषित होने के बाद वह दो बार ईडी के सामने पेश हुए और 11 मई को दूसरी बार पेश होने पर लगभग 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए।
नगरपालिका भर्ती घोटाला क्या है?
यह घोटाला उत्तर 24 परगना स्थित दक्षिण दमदम नगरपालिका में विभिन्न पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों को नकद के बदले नियुक्त कराने से जुड़ा है। ईडी इसे PMLA के तहत धन शोधन का मामला मानती है और इसकी जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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