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दक्षिण दम दम नौकरी घोटाला: सुजीत बोस की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने पूर्व नगरपालिका चेयरमैन पंचू रॉय से की पूछताछ

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दक्षिण दम दम नौकरी घोटाला: सुजीत बोस की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने पूर्व नगरपालिका चेयरमैन पंचू रॉय से की पूछताछ

सारांश

पश्चिम बंगाल के दक्षिण दम दम नगरपालिका नौकरी घोटाले में ईडी की जांच का दायरा बढ़ रहा है। पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी के बाद अब पूर्व चेयरमैन पंचू रॉय से दूसरी बार पूछताछ हुई है। 150 उम्मीदवारों की कथित सिफारिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के साथ यह मामला TMC के लिए नई राजनीतिक मुश्किल बन रहा है।

मुख्य बातें

ईडी ने 18 मई को दक्षिण दम दम नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन पंचू रॉय से कोलकाता के सॉल्ट लेक कार्यालय में पूछताछ की।
पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया; वे अभी ईडी की हिरासत में हैं।
जांच के अनुसार बोस ने पैसे के बदले कम से कम 150 उम्मीदवारों की नगरपालिका नियुक्तियों के लिए सिफारिश की थी।
पंचू रॉय की यह ईडी के समक्ष दूसरी पेशी थी; उन्होंने पहले किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था।
CBI और ईडी दोनों एजेंसियाँ इस मामले की समानांतर जांच कर रही हैं; कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI जांच शुरू हुई थी।
घोटाले का सूत्र TMC से जुड़े प्रमोटर अयान शील की संपत्तियों पर छापेमारी के दौरान सामने आया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 18 मई को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित अपने कार्यालय में दक्षिण दम दम नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन पंचू रॉय से नौकरी के बदले नकद घोटाले के संबंध में पूछताछ की। यह पूछताछ ऐसे समय में हुई जब ईडी ने पिछले सप्ताह इसी मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था, जो अभी केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में हैं। उत्तर 24 परगना जिले की तृणमूल कांग्रेस (TMC) संचालित इस नगरपालिका में भर्ती अनियमितताओं की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

मामले का मुख्य घटनाक्रम

जांचकर्ताओं के अनुसार, सुजीत बोस — जो उत्तर 24 परगना के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं — का नाम दक्षिण दम दम नगरपालिका में भर्ती अनियमितताओं की जांच के दौरान सामने आया था। ईडी अधिकारियों ने लंबी पूछताछ और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। जांच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि बोस ने पैसे के बदले नगरपालिका में नियुक्तियों के लिए कम से कम 150 उम्मीदवारों की सिफारिश की थी।

गौरतलब है कि पंचू रॉय की यह ईडी के समक्ष दूसरी पेशी थी। अपनी पिछली पेशी में उन्होंने किसी भी भ्रष्टाचार या अवैध भर्ती में संलिप्तता से इनकार किया था और दावा किया था कि उन्हें भेजा गया समन केवल उत्पीड़न के उद्देश्य से था।

जांच की पृष्ठभूमि

ईडी को इस नगरपालिका घोटाले की जानकारी तब मिली जब वह पश्चिम बंगाल के स्कूल नौकरी घोटाले और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जांच के दौरान TMC से जुड़े प्रमोटर अयान शील की संपत्तियों पर छापेमारी कर रही थी। इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नगरपालिका भर्ती मामले में एक स्वतंत्र जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में अनियमितताओं से जुड़े कई मामले एक साथ जांच के दायरे में हैं, और राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

सीबीआई और ईडी की समानांतर जांच

पंचू रॉय का नाम इससे पहले CBI द्वारा दायर चार्जशीट में भी सामने आ चुका है। CBI और ईडी दोनों एजेंसियाँ इस नगरपालिका भर्ती घोटाले की समानांतर जांच कर रही हैं — CBI आपराधिक पहलुओं की और ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से। जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ नए नाम भी जांच के दायरे में आते जा रहे हैं।

सुजीत बोस का राजनीतिक संदर्भ

पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस पिछले महीने हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बिधाननगर सीट से हार गए थे। तीन बार के विधायक रहे बोस की गिरफ्तारी को राज्य में TMC के वरिष्ठ नेताओं पर बढ़ते केंद्रीय दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

जांचकर्ताओं के अनुसार, मामले में और गिरफ्तारियों और पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पंचू रॉय से पूछताछ के बाद ईडी अगले कदमों का आकलन करेगी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही CBI जांच के नतीजे इस पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि यह समस्या ऊपर से नीचे तक फैली हो सकती है। सुजीत बोस जैसे तीन बार के विधायक और पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी संकेत देती है कि ईडी अब सिर्फ मध्यस्थों तक सीमित नहीं रही। असली सवाल यह है कि पैसे के बदले नियुक्ति की यह श्रृंखला कितनी ऊपर तक जाती है और क्या जवाबदेही केवल चुनाव हारे नेताओं तक ही रहेगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण दम दम नगरपालिका नौकरी घोटाला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की दक्षिण दम दम नगरपालिका में नौकरियों के बदले नकद लेने का कथित घोटाला है। जांच के अनुसार, उम्मीदवारों से पैसे लेकर नगरपालिका में नियुक्तियाँ दिलाई गईं, जिसमें राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता का आरोप है।
सुजीत बोस को ईडी ने क्यों गिरफ्तार किया?
जांचकर्ताओं के अनुसार, ईडी ने पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को दक्षिण दम दम नगरपालिका में भर्ती अनियमितताओं में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने पैसे के बदले कम से कम 150 उम्मीदवारों की नियुक्तियों के लिए सिफारिश की थी।
पंचू रॉय कौन हैं और उनकी ईडी जांच से क्या संबंध है?
पंचू रॉय दक्षिण दम दम नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन हैं। उनका नाम CBI की चार्जशीट में पहले ही आ चुका था और ईडी ने उन्हें दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्होंने पिछली पेशी में किसी भी गड़बड़ी में शामिल होने से इनकार किया था।
इस मामले में CBI और ईडी की क्या भूमिका है?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है, जबकि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच कर रही है। दोनों एजेंसियाँ समानांतर रूप से काम कर रही हैं और जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है।
यह घोटाला पहली बार कैसे सामने आया?
ईडी को इस घोटाले की जानकारी तब मिली जब वह पश्चिम बंगाल के स्कूल नौकरी घोटाले की जांच के दौरान TMC से जुड़े प्रमोटर अयान शील की संपत्तियों पर छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान नगरपालिका भर्ती अनियमितताओं के सूत्र मिले, जिसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने CBI जांच का आदेश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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