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पश्चिम बंगाल चुनाव से पूर्व पार्थ चटर्जी के निवास पर ईडी का छापा

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पश्चिम बंगाल चुनाव से पूर्व पार्थ चटर्जी के निवास पर ईडी का छापा

सारांश

कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ईडी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मारा। उनके खिलाफ स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में कार्रवाई जारी है। जानें इस कार्रवाई के पीछे का कारण और क्या हो सकता है आगे।

मुख्य बातें

ईडी ने पार्थ चटर्जी के निवास पर छापा मारा।
स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाला मुख्य जांच का विषय है।
पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
जमानत मिलने के बाद भी ईडी ने उन्हें कई बार बुलाया।
राजनीतिक हलचल में वृद्धि हो रही है।

कोलकाता, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के निवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के नाकतला इलाके में उनके घर पर की गई।

शनिवार की सुबह, भारी केंद्रीय बलों के साथ ईडी की टीम नाकतला पहुंची। ऐसा माना जा रहा है कि स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले के संबंध में चुनाव से पहले उनसे दोबारा पूछताछ की जाएगी। जमानत मिलने के बाद ईडी ने उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन आरोप है कि उन्होंने हर बार बीमारी का बहाना बनाकर पेश होने से टालने की कोशिश की।

सूत्रों के अनुसार, इसी कारण से ईडी की टीम ने उनके निवास पर जाकर सीधे उनसे पूछताछ करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि पार्थ चटर्जी ने ईडी को पहले ही सूचित किया था कि वह बीमार हैं और यदि आवश्यकता हो, तो वीडियो कॉल के जरिए या घर पर पूछताछ की जा सकती है।

वहीं, ईडी की एक अन्य टीम ने न्यू टाउन में प्रसन्ना रॉय के कार्यालय पर भी छापा मारा। प्रसन्ना रॉय इस भर्ती घोटाले में एक 'मिडलमैन' के रूप में आरोपी हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे ईडी की टीम उनके कार्यालय पहुंची।

पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में इस चर्चित एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले में उनकी कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दिन ईडी ने उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से लगभग 20 करोड़ रुपए बरामद किए थे। अर्पिता मुखर्जी को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें 2024 में जमानत मिल गई थी।

सितंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्थ चटर्जी को जमानत दे दी थी। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कारण उनकी रिहाई तुरंत नहीं हो पाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट द्वारा गवाहों की जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें रिहा किया जाए। इसके पश्चात 11 नवंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा किया गया।

इस बीच, इस मामले में राज्य मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस भी ईडी के समक्ष पेश हुए। उन्होंने साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पूछताछ के लिए हाजिरी दी। भर्ती घोटाले को लेकर ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है और चुनाव से पहले इस मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इससे जनता की धारणा पर भी असर पड़ेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पार्थ चटर्जी के घर पर क्यों छापा मारा?
ईडी ने स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में पूछताछ के लिए पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मारा।
पार्थ चटर्जी को कब गिरफ्तार किया गया था?
पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
क्या पार्थ चटर्जी को जमानत मिली है?
हाँ, पार्थ चटर्जी को सितंबर 2025 में जमानत दी गई थी।
प्रसन्ना रॉय का क्या संबंध है इस मामले से?
प्रसन्ना रॉय इस भर्ती घोटाले में एक 'मिडलमैन' के रूप में आरोपी हैं।
क्या ईडी की कार्रवाई जारी है?
हाँ, ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है और यह राजनीतिक हलचल को प्रभावित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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