31 जुलाई 2026
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगरपालिका नौकरी घोटाले में सुजीत बोस की गिरफ्तारी पर ईडी से 29 जून तक रिपोर्ट तलब की

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगरपालिका नौकरी घोटाले में सुजीत बोस की गिरफ्तारी पर ईडी से 29 जून तक रिपोर्ट तलब की

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगरपालिका नौकरी घोटाले में गिरफ्तार पूर्व TMC मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी से 29 जून तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित अवैध भर्ती सिफारिशों और 150 उम्मीदवारों से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 15 जून 2026 को पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी पर ईडी से 29 जून तक विस्तृत रिपोर्ट माँगी।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने की; अगली तारीख 1 जुलाई निर्धारित।
ईडी ने पिछले महीने 10 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था।
ईडी के अनुसार दक्षिण दमदम नगरपालिका में अवैध भर्ती सिफारिशों में लगभग 150 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
इससे पहले न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने ईसीआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर जमानत याचिका दाखिल करने की सलाह दी थी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार, 15 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री और तीन बार के तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक सुजीत बोस की गिरफ्तारी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से 29 जून तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला पश्चिम बंगाल में नगरपालिकाओं की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े व्यापक घोटाले का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ के समक्ष सुजीत बोस की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के अंत में अदालत ने ईडी को आदेश दिया कि वह 29 जून तक गिरफ्तारी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करे। इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को निर्धारित की गई है।

ईडी अधिकारियों ने पिछले महीने 10 घंटे से अधिक की लंबी पूछताछ के बाद सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पूर्व एजेंसी ने उनके घर, कार्यालय और उनके द्वारा संचालित ढाबे पर भी तलाशी ली थी।

याचिका की पृष्ठभूमि

गिरफ्तारी के बाद सुजीत बोस ने सबसे पहले अवकाशकालीन पीठ के समक्ष ईडी द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द करने की याचिका दाखिल की थी। हालाँकि, न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने उनकी यह याचिका खारिज करते हुए उन्हें जमानत याचिका दाखिल करने की सलाह दी। इसके बाद उनके वकील ने न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की पीठ में जमानत याचिका दायर की, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई।

ईडी के आरोप

ईडी के अनुसार, सुजीत बोस पर दक्षिण दमदम नगरपालिका में भर्ती प्रक्रिया के दौरान अवैध रूप से नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश करने का आरोप है। जाँच में कथित तौर पर लगभग 150 नौकरी चाहने वालों के नाम सामने आए हैं। एजेंसी का यह भी दावा है कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन को कई बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया, जिनकी जाँच जारी है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले की जाँच कई स्तरों पर चल रही है। गौरतलब है कि राज्य में स्कूल भर्ती घोटाले के बाद नगरपालिका नौकरी अनियमितताओं का यह मामला TMC सरकार के लिए एक और राजनीतिक और कानूनी दबाव का कारण बन रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के मामले सत्तारूढ़ दल के भीतर भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर इशारा करते हैं।

अदालत के इस निर्देश के बाद अब सभी की निगाहें 29 जून को ईडी की रिपोर्ट और उसके बाद 1 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह नगरपालिका स्तर पर भ्रष्टाचार के व्यापक तंत्र को उजागर करेगी — जो राज्य शासन की विश्वसनीयता के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत बोस कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
सुजीत बोस पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री और तीन बार के TMC विधायक हैं। ईडी ने उन पर दक्षिण दमदम नगरपालिका में भर्ती प्रक्रिया के दौरान अवैध रूप से उम्मीदवारों की सिफारिश करने और भ्रष्टाचार से अर्जित धन को कई बैंक खातों में स्थानांतरित करने का आरोप लगाते हुए 10 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया?
न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने ईडी को 29 जून तक सुजीत बोस की गिरफ्तारी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी।
नगरपालिका नौकरी घोटाला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल की नगरपालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला है, जिसमें अवैध रूप से उम्मीदवारों की सिफारिश और भ्रष्टाचार से धन अर्जित करने के आरोप हैं। ईडी की जाँच में अब तक लगभग 150 उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं।
क्या सुजीत बोस की जमानत याचिका पहले भी खारिज हो चुकी है?
सुजीत बोस ने पहले अवकाशकालीन पीठ के समक्ष ईसीआईआर रद्द करने की याचिका दाखिल की थी, जिसे न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने खारिज कर दिया और उन्हें जमानत याचिका दाखिल करने की सलाह दी। इसके बाद उनके वकील ने न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की पीठ में जमानत याचिका दायर की।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी को 29 जून तक अदालत में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करनी है, जिसके बाद 1 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। इस सुनवाई में सुजीत बोस की जमानत याचिका पर अदालत का रुख स्पष्ट होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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