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कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुजीत बोस की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका खारिज की, जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुजीत बोस की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका खारिज की, जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका ठुकरा दी और जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह दी। 11 मई से न्यायिक हिरासत में बंद बोस पर साउथ दमदम नगर पालिका में 150 उम्मीदवारों की गैरकानूनी सिफारिश का आरोप है।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 8 जून 2026 को पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका खारिज की।
जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल जज वेकेशन बेंच ने तत्काल सुनवाई की अर्जी भी अस्वीकार की; अगली सुनवाई जुलाई में।
बोस 11 मई से ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में हैं।
साउथ दमदम नगर पालिका में कथित तौर पर 150 उम्मीदवारों की गैरकानूनी सिफारिश का आरोप; भ्रष्टाचार की राशि बैंक खातों में जाने का दावा।
बोस बिधाननगर विधानसभा से TMC के तीन बार विधायक रहे, हाल के चुनाव में हारे।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार, 8 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने नगर पालिकाओं में भर्ती से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज 'एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट' (ईसीआईआर) को रद्द करने की मांग की थी। न्यायालय ने उन्हें इस मामले में जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह दी है।

न्यायालय का रुख और सुनवाई का ब्यौरा

जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल जज वेकेशन बेंच ने बोस के वकील के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मामला दिन की सुनवाई सूची में शामिल होना था। वकील ने तत्काल सुनवाई का विशेष अनुरोध किया था, लेकिन न्यायालय इससे संतुष्ट नहीं हुआ।

जस्टिस राव ने ईसीआईआर को रद्द करने की याचिका पर त्वरित सुनवाई की आवश्यकता पर सवाल उठाया और बोस के वकील को सलाह दी कि यदि आवश्यक समझें तो जमानत अर्जी दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की गई है।

गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत

बोस को 11 मई की रात नगर पालिका में नौकरी के बदले धन लेने के मामले में लंबी पूछताछ के बाद ईडी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं। गिरफ्तारी से पूर्व ईडी ने उनके घर और कार्यालय पर छापेमारी की थी। केंद्रीय जांच अधिकारियों ने उस ढाबे की भी तलाशी ली थी, जिसे पूर्व मंत्री संचालित करते थे।

आरोप और जांच का दायरा

ईडी के अनुसार, सुजीत बोस पर साउथ दमदम नगर पालिका में नौकरी पाने वाले कथित तौर पर लगभग 150 उम्मीदवारों के नामों की गैरकानूनी सिफारिश करने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन कई बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया, जिनकी अब जांच की जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नगर पालिका और शिक्षक भर्ती घोटालों की जांच तेज हो गई है और ईडी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कई नेताओं पर शिकंजा कसा है।

सुजीत बोस का राजनीतिक परिचय

बोस उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बार विधायक रहे हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में वे अपनी सीट गँवा चुके हैं। गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में नगर निकाय भर्ती घोटाले की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसमें ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दोनों सक्रिय हैं।

आगे क्या होगा

न्यायालय के निर्देश के बाद अब बोस के पास जमानत अर्जी दाखिल करने का विकल्प है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होनी है। ईडी की जांच जारी है और बैंक खातों से जुड़े वित्तीय साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं, जो आगे की कार्यवाही की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आमतौर पर तभी सफल होती है जब प्रक्रियागत खामियाँ स्पष्ट हों — यहाँ न्यायालय ने ऐसी कोई खामी नहीं मानी। बोस का अगला कदम जमानत अर्जी होगी, जहाँ ईडी की वित्तीय जांच की मजबूती असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुजीत बोस की याचिका क्यों खारिज की?
हाईकोर्ट ने सुजीत बोस की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका इसलिए खारिज की क्योंकि जस्टिस कृष्णा राव की बेंच को तत्काल सुनवाई की कोई पर्याप्त वजह नहीं मिली। न्यायालय ने उन्हें जमानत अर्जी दाखिल करने का विकल्प सुझाया।
सुजीत बोस को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
सुजीत बोस को नगर पालिकाओं में नौकरी के बदले धन लेने के कथित घोटाले में ईडी ने 11 मई की रात गिरफ्तार किया। उन पर साउथ दमदम नगर पालिका में लगभग 150 उम्मीदवारों की गैरकानूनी सिफारिश करने का आरोप है।
सुजीत बोस कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
सुजीत बोस पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री और उत्तर 24 परगना के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के तीन बार विधायक रहे हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में वे अपनी सीट हार गए।
ईडी की जांच में अब तक क्या सामने आया है?
ईडी के अनुसार भ्रष्टाचार से अर्जित धन कई बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। गिरफ्तारी से पहले बोस के घर, कार्यालय और उनके द्वारा संचालित ढाबे पर भी छापेमारी की गई थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित है। न्यायालय के निर्देश के बाद बोस के पास जमानत अर्जी दाखिल करने का विकल्प है, जबकि ईडी की वित्तीय जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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