26 अगस्त 2026
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कलकत्ता हाई कोर्ट: पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका अब जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच सुनेगी, 3 सितंबर को पहली सुनवाई

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कलकत्ता हाई कोर्ट: पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका अब जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच सुनेगी, 3 सितंबर को पहली सुनवाई

सारांश

कलकत्ता हाई कोर्ट में पूर्व फायर मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका उस वक्त नई बेंच को सौंपी गई जब उनके वकील के चैंबर-विज़िट की घटना ने पूर्व न्यायाधीश को खुद को अलग करने पर मजबूर कर दिया। 3 सितंबर को जस्टिस तीर्थंकर घोष की अदालत में अब यह तय होगा कि ईडी की हिरासत में बंद तीन बार के TMC विधायक को राहत मिलती है या नहीं।

मुख्य बातें

जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच अब पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका सुनेगी; पहली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को।
जस्टिस सुव्रा घोष ने 19 अगस्त को खुद को मामले से अलग किया — बोस के एक वकील के उनकी अनुपस्थिति में चैंबर में आकर फाइल सौंपने की घटना के बाद।
ईडी ने बोस को 11 मई 2026 को गिरफ्तार किया; आरोप है कि उन्होंने साउथ दम दम म्युनिसिपैलिटी में लगभग 150 नामों की गैर-कानूनी अनुशंसा की।
एजेंसी के अनुसार भ्रष्टाचार की रकम बोस और उनके परिजनों के बैंक खातों में जमा की गई।
बोस बिधाननगर से तीन बार TMC विधायक रहे; हालिया चुनाव में BJP के शरद्वत मुखर्जी ने उन्हें हराया।

कलकत्ता हाई कोर्ट की एक नई सिंगल-जज बेंच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और पश्चिम बंगाल के पूर्व फायर सर्विस मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) द्वारा दर्ज इस मामले में 3 सितंबर 2026 को पहली सुनवाई निर्धारित की गई है। यह मामला उस समय नई बेंच को सौंपा गया जब पूर्व पीठासीन न्यायाधीश ने एक गंभीर प्रक्रियागत अनियमितता का हवाला देते हुए खुद को इससे अलग कर लिया।

मामला नई बेंच को क्यों सौंपा गया

जस्टिस सुव्रा घोष ने 19 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद फ़ैसला सुनाने से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने बताया कि बोस के वकीलों में से एक उनकी अनुपस्थिति में उनके चैंबर में आया और इस मामले से संबंधित एक फाइल उनके निजी सचिव को सौंप दी। जस्टिस घोष ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और तत्काल इसकी सूचना कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रत चक्रवर्ती को दी।

इस असाधारण घटनाक्रम के बाद, मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय ने यह मामला जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच को सौंप दिया। यह ऐसे समय में आया है जब न्यायिक निष्पक्षता को लेकर संवेदनशीलता पहले से अधिक है।

सुजीत बोस पर क्या आरोप हैं

ईडी ने 11 मई 2026 को सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने साउथ दम दम म्युनिसिपैलिटी में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के नाम गैर-कानूनी तरीके से अनुशंसित किए। ईडी ने ट्रायल कोर्ट में दावा किया कि इस सूची में पूर्व मंत्री द्वारा अनुशंसित लगभग 150 नाम शामिल थे।

एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से अर्जित धनराशि बोस और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा की गई। गिरफ्तारी से पूर्व जाँच एजेंसी ने उनसे कई बार पूछताछ की थी।

सुजीत बोस का राजनीतिक परिचय

सुजीत बोस उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार TMC विधायक रहे हैं। हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार शरद्वत मुखर्जी ने पराजित किया, जो अब पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री हैं।

आगे क्या होगा

जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच 3 सितंबर 2026 को जमानत याचिका पर पहली सुनवाई करेगी। इस मामले का परिणाम न केवल बोस के भविष्य को, बल्कि पश्चिम बंगाल में ईडी की जाँचों से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक जाँच का हिस्सा है जो राज्य में नगरपालिका भर्ती घोटालों को लेकर चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अदालतों में इनकी राह कितनी निष्कंटक रहती है, यह इस मामले से भी स्पष्ट होगा। मुख्यधारा की कवरेज जमानत की तारीख पर केंद्रित है, जबकि असली मुद्दा यह है कि न्यायिक प्रक्रिया की पवित्रता को लेकर क्या जवाबदेही तय होती है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत बोस कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
सुजीत बोस पश्चिम बंगाल के पूर्व फायर सर्विस मंत्री और बिधाननगर से तीन बार TMC विधायक रहे हैं। ईडी ने उन पर साउथ दम दम म्युनिसिपैलिटी में नौकरी के लिए लगभग 150 नामों की गैर-कानूनी अनुशंसा करने और भ्रष्टाचार की रकम अपने व परिवार के खातों में जमा कराने का आरोप लगाया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट में जमानत याचिका नई बेंच को क्यों सौंपी गई?
जस्टिस सुव्रा घोष ने 19 अगस्त को खुद को मामले से अलग कर लिया क्योंकि बोस के एक वकील उनकी अनुपस्थिति में उनके चैंबर में आए और मामले से जुड़ी एक फाइल उनके निजी सचिव को सौंप दी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सूचित किया।
सुजीत बोस की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच 3 सितंबर 2026 को इस मामले की पहली सुनवाई करेगी।
ईडी ने सुजीत बोस को कब गिरफ्तार किया था?
ईडी ने सुजीत बोस को 11 मई 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने उनसे कई दौर की पूछताछ की थी।
सुजीत बोस का राजनीतिक करियर कैसा रहा है?
बोस उत्तर 24 परगना के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार TMC विधायक रहे और पश्चिम बंगाल सरकार में फायर सर्विस मंत्री का पद संभाला। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें BJP के शरद्वत मुखर्जी ने हराया, जो अब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं।
राष्ट्र प्रेस
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