12 जुलाई 2026
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ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, अल उदीद एयरबेस और 4 देशों में हमले के दावे

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ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, अल उदीद एयरबेस और 4 देशों में हमले के दावे

सारांश

ईरान के आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कतर, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन दागे — यह अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में सबसे व्यापक ईरानी सैन्य कार्रवाई का दावा है, जिसने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर ला दिया।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने 12 जुलाई को कतर के अल उदीद एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया; कमांड सेंटर और MQ-9 हैंगर को नष्ट करने का दावा।
जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर भी कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का दावा।
कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस, एम्युनिशन डिपो और रडार साइट पर विस्फोटक ड्रोन से हमले का दावा; बहरीन में संचार प्रणाली और रडार साइट निशाने पर।
ओमान के दुकम पोर्ट पर अमेरिकी लॉजिस्टिक्स सेंटर को आईआरजीसी ने 'तीसरे फेज़' का हमला बताया।
कतर ने एक मिसाइल हमले को रोकने का दावा किया; UAE , बहरीन और कतर ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में बंदर-ए-महशहर में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय, स्थानीय हमले की पुष्टि नहीं।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 12 जुलाई को दावा किया कि उसने कतर स्थित अल उदीद एयरबेस समेत खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोन से हमले किए। आईआरजीसी के अनुसार, ये हमले दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के लगातार हवाई हमलों के जवाब में किए गए। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के एक नए और खतरनाक मोड़ को दर्शाता है।

मुख्य घटनाक्रम: किन ठिकानों पर हुए हमले

आईआरजीसी ने दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने कतर के अल उदीद एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और वहाँ स्थित कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर, एक फाइटर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस व रिपेयर सेंटर तथा MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगर को नष्ट कर दिया। हालाँकि, कतर के रक्षा मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि उसने कतरी इलाके को निशाना बनाकर किए गए एक मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक रोक लिया।

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, कुवैत में अमेरिकी सेना के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, एक एम्युनिशन डिपो और एक रडार साइट को विस्फोटक ड्रोन से निशाना बनाया गया।

बहरीन में भी ड्रोन हमलों की एक लहर के ज़रिए एक अमेरिकी संचार प्रणाली और रडार साइट को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया।

ओमान पर हमले: तीसरा फेज़

आईआरजीसी ने ओमान के दुकम पोर्ट पर अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर द्वारा उपयोग किए जाने वाले लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सेंटर और रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म पर भी हमले का दावा किया। आईआरजीसी के पब्लिक रिलेशन ऑफिस ने बताया कि इन जगहों को भारी नुकसान पहुँचा। ईरान ने इन हमलों को अमेरिकी बमबारी के जवाब का तीसरा फेज़ बताया।

खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रहे हैं। UAE के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश भर में सुनाई दे रहे धमाके उसके डिफेंस सिस्टम द्वारा खतरों को रोके जाने की आवाज़ें हैं।

बहरीन के गृह मंत्रालय ने एयर रेड सायरन सक्रिय कर दिए और नागरिकों से शांत रहते हुए नज़दीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। कतर के गृह मंत्रालय ने भी नागरिकों और निवासियों से घरों या सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा गैर-ज़रूरी आवाजाही से बचने को कहा।

ईरान की घरेलू स्थिति

ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर खुज़ेस्तान प्रांत के बंदर-ए-महशहर में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। हालाँकि स्थानीय अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि शहर पर कोई हमला हुआ है या नहीं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव पहले से ही अपने उच्चतम स्तर पर था। गौरतलब है कि खाड़ी देशों — कतर, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और ओमान — में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे की रीढ़ मानी जाती है। इन ठिकानों पर हमले के दावे, चाहे पूरी तरह सत्यापित हों या न हों, क्षेत्र में व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका को गंभीर रूप से बढ़ाते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और अमेरिकी जवाबी कदम आने वाले घंटों में स्थिति की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश एक साथ अमेरिका के सहयोगी और ईरान के पड़ोसी हैं। अल उदीद जैसे ठिकाने — जो मध्य पूर्व में अमेरिकी वायु संचालन का केंद्र हैं — पर हमले के दावे यह संकेत देते हैं कि यह संघर्ष द्विपक्षीय नहीं, बहुपक्षीय रूप ले रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि खाड़ी देश इस टकराव में 'तटस्थ मेज़बान' नहीं हैं — उनकी अपनी कूटनीतिक और आर्थिक भूमिका दाँव पर है। यदि ये दावे आंशिक रूप से भी सच हैं, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर की गणना अभी शुरू भी नहीं हुई है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने अल उदीद एयरबेस पर हमला क्यों किया?
आईआरजीसी के अनुसार, ये हमले दक्षिणी ईरान के इलाकों पर अमेरिका के लगातार हवाई हमलों के जवाब में किए गए। ईरान ने इन्हें अमेरिकी बमबारी के जवाब का हिस्सा बताया, जिसमें ओमान पर हुए हमले को 'तीसरा फेज़' कहा गया।
क्या कतर का अल उदीद एयरबेस वाकई नष्ट हो गया?
यह दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने अपने इलाके को निशाना बनाने वाले एक मिसाइल हमले को रोक लिया। आईआरजीसी का दावा है कि कमांड सेंटर और MQ-9 हैंगर नष्ट किए गए, लेकिन इसकी पुष्टि अमेरिकी या कतरी अधिकारियों ने नहीं की है।
किन-किन खाड़ी देशों में हमले हुए?
आईआरजीसी ने कतर, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया। कुवैत में पैट्रियट सिस्टम और एम्युनिशन डिपो, बहरीन में संचार व रडार साइट, और ओमान के दुकम पोर्ट पर लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाए जाने की बात कही गई।
खाड़ी देशों ने नागरिकों को क्या निर्देश दिए?
बहरीन के गृह मंत्रालय ने एयर रेड सायरन सक्रिय कर नागरिकों से नज़दीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। कतर के गृह मंत्रालय ने लोगों से घरों या सुरक्षित स्थानों पर रहने और गैर-ज़रूरी आवाजाही से बचने को कहा। UAE ने भी पुष्टि की कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं।
ईरान-अमेरिका सैन्य टकराव का खाड़ी क्षेत्र पर क्या असर होगा?
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के दावे वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश अमेरिका के सहयोगी हैं, और इन ठिकानों पर हमले से यह संघर्ष द्विपक्षीय से बहुपक्षीय रूप ले सकता है। आने वाले घंटों में अमेरिकी जवाबी कदम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया स्थिति की दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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