जीसीसी महासचिव ने ईरान के कुवैत हमले को बताया 'खतरनाक', सऊदी और अमेरिका ने भी की निंदा
सारांश
मुख्य बातें
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी ने सोमवार, 1 जून को कुवैत पर ईरान के मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'खतरनाक और गैर-ज़िम्मेदाराना कदम' करार दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन गंभीर उल्लंघनों के प्रति 'मज़बूत और निवारक' रुख अपनाने की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार सुबह कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी समयानुसार रात 11 बजे दागी गई दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को तत्काल मार गिराया गया और किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने इससे पहले ईरानी द्वीपों गोरुक और केशम पर हमले करने का दावा किया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा था कि तेहरान को अपने खिलाफ हमलों के लिए इस्तेमाल किए गए क्षेत्रीय 'बेस और एसेट्स' पर जवाबी कार्रवाई का अधिकार है।
जीसीसी की प्रतिक्रिया
महासचिव अल बुदैवी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि कुवैत जीसीसी का एक अभिन्न अंग है और सभी सदस्य देश उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों ने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की कोशिशों को गंभीर रूप से कमज़ोर किया है।
गौरतलब है कि जीसीसी में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान शामिल हैं — और यह परिषद खाड़ी क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा का प्रमुख मंच है।
सऊदी अरब की कड़ी आपत्ति
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हमले को 'पूरी तरह खारिज' करते हुए कहा कि यह कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विरुद्ध है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'इस तरह के उल्लंघन उन अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमज़ोर करते हैं जिनका मकसद इस इलाके में सुरक्षा और स्थिरता बहाल करना है।'
सऊदी अरब ने कुवैत की सरकार और उसके नागरिकों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और कुवैत द्वारा अपनी सुरक्षा व स्थिरता के लिए उठाए गए सभी कदमों को पूर्ण समर्थन देने की बात दोहराई।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
CENTCOM के बयान के अनुसार, कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने वाली दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया। अमेरिकी रक्षा तंत्र ने इस हमले को बिना किसी जनहानि के नाकाम कर दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।
क्या होगा आगे
इस हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियाँ तेज़ होने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कड़ी प्रतिक्रिया की माँग की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना ईरान-अमेरिका तनाव के व्यापक संदर्भ में एक नया और गंभीर मोड़ है, जिसके क्षेत्रीय स्थिरता पर दूरगामी असर पड़ सकते हैं।