13 जुलाई 2026
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कुवैत पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमला: GCC और खाड़ी देशों ने की कड़ी निंदा, बताया संप्रभुता का उल्लंघन

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कुवैत पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमला: GCC और खाड़ी देशों ने की कड़ी निंदा, बताया संप्रभुता का उल्लंघन

सारांश

ईरान के IRGC ने 27 मई की रात कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी — जिसे कुवैती सेना ने हवा में नष्ट कर दिया। GCC, UAE, कतर और सऊदी अरब ने इसे कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है।

मुख्य बातें

IRGC ने 27 मई 2026 की रात 10:17 बजे कुवैत की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैती सेना ने हवा में मार गिराया।
मिसाइल से पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास 5 वन-वे अटैक ड्रोन भेजे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने इंटरसेप्ट किया; छठे ड्रोन को बंदर अब्बास से लॉन्च होने से पहले ही रोका गया।
UAE ने ईरान को सीधे नाम लेकर इसे 'आतंकी हमला' बताया; कतर और सऊदी अरब ने इसे कुवैत की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' कहा।
GCC महासचिव जसेम मोहम्मद अल बुदावी ने कहा यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है।
रिपोर्टों के अनुसार यह हमला बंदर अब्बास स्थित ईरानी ड्रोन बेस पर अमेरिकी कार्रवाई का जवाब था।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने 27 मई 2026 की रात 10:17 बजे कुवैत की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैती सेना ने हवा में ही मार गिराया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले को युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। इस घटना के बाद गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) सहित कई खाड़ी देशों ने ईरान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

हमले का घटनाक्रम

CENTCOM के अनुसार, मिसाइल हमले से कुछ घंटे पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास 5 वन-वे अटैक ड्रोन भी भेजे थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने इंटरसेप्ट कर लिया। CENTCOM ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी बलों ने बंदर अब्बास स्थित ईरानी ग्राउंड कंट्रोल साइट से छठे ड्रोन को लॉन्च होने से भी रोक दिया।

IRGC ने शुरू में केवल यह कहा था कि उसने अमेरिका के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है, लेकिन उस देश का नाम नहीं लिया था। बाद में स्पष्ट हुआ कि वह सैन्य प्रतिष्ठान कुवैत में स्थित था।

खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और सऊदी अरब ने इस हमले को कुवैत की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' बताया। UAE ने अपने बयान में सीधे ईरान का नाम लेते हुए इसे 'आतंकी हमला' करार दिया — जो तीनों देशों में सबसे कड़ी भाषा थी।

तीनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने बयान जारी कर कहा कि वे कुवैत की सुरक्षा, स्थिरता और संप्रभुता बनाए रखने के लिए उठाए गए हर कदम के साथ खड़े हैं।

GCC महासचिव की निंदा

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के महासचिव जसेम मोहम्मद अल बुदावी ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि GCC के सभी सदस्य देश कुवैत की सुरक्षा और उसके नागरिकों व निवासियों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से उसके साथ हैं।

हमले की पृष्ठभूमि

रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास के पास स्थित एक ईरानी ड्रोन बेस पर अमेरिकी हमले के जवाब में किया गया। CENTCOM ने दावा किया था कि उसने ईरान के कुछ ड्रोन मार गिराए थे, जिसके बाद IRGC ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से चरम पर है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि वह और उसके क्षेत्रीय सहयोगी ईरानी आक्रामकता से अपने सैनिकों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। आने वाले दिनों में कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर घटनाक्रम तेज़ी से बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि खाड़ी क्षेत्र की भू-राजनीतिक संरचना पर सीधा प्रहार है — UAE का ईरान को 'आतंकी' कहना इस बात का संकेत है कि खाड़ी देशों की भाषा अब पहले से कहीं अधिक तीखी हो चुकी है। गौरतलब है कि GCC देश परंपरागत रूप से ईरान के साथ सार्वजनिक टकराव से बचते रहे हैं; इस बार की सीधी निंदा एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अमेरिकी-ईरानी तनाव में कुवैत जैसे तटस्थ देश का युद्धक्षेत्र बनना यह भी दर्शाता है कि क्षेत्रीय देश अब 'सुरक्षित दूरी' बनाए रखने में असमर्थ हैं। यदि यह चक्र — अमेरिकी हमला, ईरानी जवाब, खाड़ी देशों पर असर — जारी रहा, तो GCC की एकजुटता और इन देशों की आंतरिक सुरक्षा दोनों की परीक्षा होगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुवैत पर ईरानी मिसाइल हमला कब और कैसे हुआ?
IRGC ने 27 मई 2026 की रात 10:17 बजे कुवैत की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैती सेना ने हवा में ही मार गिराया। इससे पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास 5 वन-वे अटैक ड्रोन भी भेजे थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने इंटरसेप्ट कर लिया।
GCC और खाड़ी देशों ने इस हमले पर क्या कहा?
GCC महासचिव जसेम मोहम्मद अल बुदावी ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। UAE ने ईरान को सीधे नाम लेकर इसे 'आतंकी हमला' बताया, जबकि कतर और सऊदी अरब ने इसे कुवैत की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' कहा।
ईरान ने यह हमला क्यों किया?
रिपोर्टों के अनुसार यह हमला बंदर अब्बास के पास स्थित एक ईरानी ड्रोन बेस पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया। CENTCOM ने दावा किया था कि उसने ईरान के कुछ ड्रोन मार गिराए थे, जिसके बाद IRGC ने जवाबी कार्रवाई की।
अमेरिका ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया। अमेरिकी सेना ने कहा कि वह और उसके क्षेत्रीय सहयोगी ईरानी आक्रामकता से अपने सैनिकों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।
क्या कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाना है और क्या उसे नुकसान हुआ?
हाँ, कुवैत में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद है, जिसे IRGC ने निशाना बनाया। कुवैती सेना ने मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया, इसलिए किसी नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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