कुवैत पर इराकी ड्रोन हमला: कतर ने बताया संप्रभुता का खुला उल्लंघन, क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंडराया खतरा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कुवैत की दो उत्तरी सीमा चौकियों पर इराक की ओर से फाइबर ऑप्टिक तकनीक से नियंत्रित विस्फोटक ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में किसी की जान नहीं गई, हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
कतर की तीखी प्रतिक्रिया
कतर के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी आधिकारिक पोस्ट में लिखा कि कुवैत के दो उत्तरी सीमा केंद्रों को निशाना बनाकर किए गए इस ड्रोन हमले की वह कड़े शब्दों में भर्त्सना करता है। कतर ने इस हमले को न केवल कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा भी बताया।
कतर ने यह भी स्पष्ट किया कि इराक को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। साथ ही कुवैत के साथ पूर्ण एकजुटता और उसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम के प्रति समर्थन दोहराया।
कुवैत रक्षा मंत्रालय का आधिकारिक बयान
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि शुक्रवार की सुबह उत्तरी जमीनी सीमा के दो केंद्रों पर फाइबर ऑप्टिक वायर से नियंत्रित विस्फोटक ड्रोन से हमला किया गया। ये ड्रोन इराक की दिशा से आए थे। मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में केवल संपत्ति का नुकसान हुआ, कोई जनहानि नहीं हुई।
मंत्रालय के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही संबंधित सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कदम उठाए और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
कुवैत हवाई क्षेत्र की बहाली
कुवैत नागरिक उड्डयन के महानिदेशक शेख हमूद मुबारक हमूद अल-सबह ने गुरुवार को घोषणा की कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट का हवाई क्षेत्र पुनः खोल दिया गया है। यह क्षेत्र 28 फरवरी से क्षेत्रीय तनाव के चलते एहतियातन बंद किया गया था।
'कुवैत टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, पब्लिक अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने बताया कि एयरपोर्ट के टर्मिनल चार और पांच रविवार से कुछ चुनिंदा गंतव्यों के लिए फिर से सेवा में आएंगे। शेख हमूद ने कहा कि यह निर्णय स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर लिया गया है ताकि उड़ानें पूर्ण सुरक्षा के साथ चरणबद्ध तरीके से शुरू हो सकें।
व्यापक क्षेत्रीय तनाव का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पहले से ही अस्थिरता का माहौल है। इस तनाव की आंच में कुवैत और कतर दोनों झुलस चुके हैं।
गौरतलब है कि मार्च में ईरान ने कतर के एलएनजी प्लांट पर कई मिसाइलें दागी थीं — यह दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी संयंत्र है। इस पृष्ठभूमि में इराकी ड्रोन हमला क्षेत्र में हिंसा के एक नए और चिंताजनक पैटर्न की ओर इशारा करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इराक से आने वाले ड्रोन हमले में गैर-राज्य सशस्त्र समूहों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, जो क्षेत्र में ईरान समर्थित नेटवर्क के रूप में सक्रिय हैं। यह घटना खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आने वाले दिनों में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की प्रतिक्रिया और इराक सरकार द्वारा जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदम इस संकट की दिशा तय करेंगे।