माकोसो फिर बने कांगो के PM: राष्ट्रपति न्गुएसो ने 42 सदस्यीय नई सरकार का किया गठन
सारांश
Key Takeaways
- अनातोले कोलिनेट माकोसो को 23 अप्रैल 2025 को कांगो का प्रधानमंत्री दोबारा नियुक्त किया गया।
- 25 अप्रैल को राष्ट्रीय टेलीविजन पर 42 सदस्यीय नई कैबिनेट की घोषणा हुई, जिसमें 1 उप PM, 3 राज्यमंत्री और 37 मंत्री शामिल हैं।
- जीन-जैक्स बौया को उप प्रधानमंत्री बनाया गया, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और टेरिटोरियल प्लानिंग संभालेंगे।
- 15 मार्च 2025 के राष्ट्रपति चुनाव में न्गुएसो ने 94.9%25 वोट से जीत दर्ज की थी, 84.65%25 मतदान हुआ।
- विपक्ष के दो बड़े नेताओं ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर बहिष्कार किया; दोनों पहले करीब 10 साल जेल में रहे।
- चुनाव के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद और राजधानी में यातायात प्रतिबंध लगाया गया था।
ब्राजाविल, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांगो गणराज्य में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति डेनिस सासौ न्गुएसो ने 25 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय टेलीविजन पर देश की नई सरकार की घोषणा की। प्रधानमंत्री अनातोले कोलिनेट माकोसो को दोबारा उनके पद पर नियुक्त करते हुए 42 सदस्यीय कैबिनेट का गठन किया गया है, जिसमें एक उप प्रधानमंत्री, तीन राज्य मंत्री और 37 मंत्री शामिल हैं।
नई सरकार की संरचना और प्रमुख नियुक्तियाँ
नई कैबिनेट में जीन-जैक्स बौया को उप प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है। वे पहले क्षेत्रीय योजना और बड़े कार्यों के राज्य मंत्री थे और अब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एवं टेरिटोरियल प्लानिंग विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राज्य मंत्री के पदों पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। माइंस और जियोलॉजी के पूर्व राज्य मंत्री पियरे ओबा को अब प्रेसिडेंसी में राजनीतिक मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं क्लाउड अल्फोंस न्सिलौ को कंस्ट्रक्शन, अर्बन प्लानिंग और हाउसिंग मंत्रालय सौंपा गया है।
पियरे माबियाला, जो पहले भूमि मामलों और राज्य संपत्ति प्रबंधन के राज्य मंत्री थे, अब सिविल सेवा, श्रम और सामाजिक संवाद विभाग का कार्यभार संभालेंगे। यह नियुक्तियाँ न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार की गई हैं।
माकोसो की वापसी की पृष्ठभूमि
17 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री माकोसो और उनकी पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा 15 मार्च को हुए राष्ट्रपति चुनाव में न्गुएसो की भारी जीत के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दिया गया था। इसके बाद 23 अप्रैल को राष्ट्रपति न्गुएसो ने माकोसो को पुनः प्रधानमंत्री नियुक्त करने की घोषणा की और उन्हें नई सरकार बनाने का दायित्व सौंपा।
कांगो के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति के पुनर्निर्वाचन के बाद नया प्रधानमंत्री नियुक्त करना और नई सरकार का गठन करना अनिवार्य है। इसी संवैधानिक बाध्यता के तहत यह प्रक्रिया पूरी की गई।
राष्ट्रपति चुनाव और विवाद
15 मार्च 2025 को हुए राष्ट्रपति चुनाव में डेनिस सासौ न्गुएसो ने 94.9 प्रतिशत मत प्राप्त कर भारी बहुमत से जीत दर्ज की। कुल 31,67,099 मतदाताओं में से 84.65 प्रतिशत ने मतदान किया और सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे थे।
हालांकि, इस चुनाव को विवादों ने भी घेरा रहा। विपक्ष के दो प्रमुख नेताओं — जनरल जीन-मैरी मिशेल मोकोको और आंद्रे ओकोम्बी सालिसा — ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए बहिष्कार किया। उल्लेखनीय है कि इन दोनों नेताओं को पहले लगभग 10 वर्षों तक जेल में रहना पड़ा था।
चुनाव के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और राजधानी ब्राजाविल में यातायात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया — यह कांगो में राष्ट्रपति चुनाव के समय की एक पुरानी परंपरा बन चुकी है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।
गहरा विश्लेषण: सत्ता का केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक चिंताएं
डेनिस सासौ न्गुएसो दशकों से कांगो की सत्ता पर काबिज हैं — वे पहले 1979 से 1992 तक और फिर 1997 से अब तक शासन कर रहे हैं। 94.9 प्रतिशत की जीत का आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इतने एकतरफा परिणाम लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा की कमी को दर्शाते हैं।
माकोसो को दोबारा PM बनाना यह संकेत देता है कि न्गुएसो अपने विश्वस्त नौकरशाही ढांचे को बनाए रखना चाहते हैं। नई कैबिनेट में अधिकांश पुराने चेहरों को ही नए विभाग दिए गए हैं, जो बताता है कि यह बदलाव नीतिगत कम और प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था अधिक है।
आगे क्या होगा
नई सरकार के सामने कांगो की आर्थिक चुनौतियों, तेल राजस्व पर अत्यधिक निर्भरता और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों से निपटना प्रमुख कार्य होगा। जीन-जैक्स बौया को उप प्रधानमंत्री के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी दिए जाने से यह स्पष्ट है कि सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास पर रहेगा। आने वाले हफ्तों में नई सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं की घोषणा की उम्मीद है।