31 अगस्त 2026
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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन, लारक द्वीप हमले के बाद तनाव चरम पर

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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन, लारक द्वीप हमले के बाद तनाव चरम पर

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर ईरान ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मिसाइल से मार गिराया — लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के कुछ घंटों बाद। IRGC ने UAE के अल मिनहाद एयर बेस पर भी हमले का दावा किया। दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग पर यह टकराव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

मुख्य बातें

ईरान के IRGC ने सोमवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मिसाइल से मार गिराने का दावा किया।
IRGC के अनुसार, ड्रोन निष्क्रिय होकर खाड़ी के पानी में जा गिरा।
यह कार्रवाई रविवार रात लारक द्वीप (हॉर्मोजगान प्रांत) पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में बताई गई, जिसमें IRGC के दो रॉकेट लॉन्चर निशाने पर थे।
ईरानी सेना ने UAE के अल मिनहाद एयर बेस पर भी हमले का दावा किया, जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।
IRGC ने चेतावनी दी कि 'हर हमले का जवाब इससे भी अधिक कड़े और विनाशकारी तरीके से दिया जाएगा।' होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, जिससे यह तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए गंभीर जोखिम है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के लंबी दूरी वाले MQ-9 ड्रोन को मिसाइल से मार गिराने का दावा किया है। IRGC के अनुसार, ड्रोन निष्क्रिय होकर खाड़ी के पानी में जा गिरा। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक विस्फोटक बनाती है।

मुख्य घटनाक्रम

IRGC की आधुनिक एयर डिफेंस फोर्स ने सोमवार की सुबह होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन की पहचान की और तत्काल कार्रवाई करते हुए मिसाइल दागी। IRGC के बयान के अनुसार, ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया और वह समुद्र में गिर गया। गौरतलब है कि MQ-9 अमेरिकी वायु सेना का उन्नत निगरानी और हमलावर ड्रोन है जिसकी लंबी दूरी की उड़ान क्षमता इसे सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।

लारक द्वीप हमले की पृष्ठभूमि

IRGC ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई रविवार रात हॉर्मोजगान प्रांत के लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब है। अमेरिका ने रविवार रात लारक द्वीप पर मौजूद IRGC के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। IRGC के दावे के अनुसार, इस हमले में कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक मारे गए या घायल हुए।

यूएई एयर बेस पर हमले का दावा

ड्रोन को मार गिराने से पहले ईरानी सेना ने सोमवार को ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल मिनहाद एयर बेस पर हमले का दावा किया, जिसमें कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि ईरान एकाधिक मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई की रणनीति अपना रहा है।

ईरान की चेतावनी

IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आक्रामकता और अपराध इस्लामी गणराज्य ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को कमजोर करने की दुश्मन की कोशिशों में उसकी हताशा को दूर नहीं कर सकते। हर हमले का जवाब इससे भी अधिक कड़े और विनाशकारी तरीके से दिया जाएगा।' यह बयान स्पष्ट करता है कि तेहरान किसी भी अमेरिकी कार्रवाई को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा।

क्या होगा आगे

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है — दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर डाल सकता है। अमेरिकी प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका आने वाले घंटों में स्थिति की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर UAE बेस पर ईरानी जवाब, फिर MQ-9 को मार गिराना — यह तीव्र होती सीढ़ी बताती है कि दोनों पक्ष 'संदेश' भेजने की होड़ में हैं। असली खतरा यह है कि होर्मुज स्ट्रेट — जहाँ से दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा तेल गुजरता है — पर कोई भी गलत कदम वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दे सकता है, जिसका सबसे अधिक असर भारत जैसे तेल-आयात पर निर्भर देशों पर पड़ेगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी ड्रोन क्यों मार गिराया?
IRGC के अनुसार यह कार्रवाई रविवार रात लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब है, जिसमें IRGC के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया गया था। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए जवाबी कार्रवाई को उचित ठहराया है।
MQ-9 ड्रोन क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
MQ-9 रीपर अमेरिकी वायु सेना का उन्नत लंबी दूरी का निगरानी और हमलावर ड्रोन है। यह हजारों किलोमीटर दूर से संचालित हो सकता है और इसकी मार गिराना अमेरिका के लिए एक बड़ा सामरिक और प्रतीकात्मक झटका माना जाता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से भारत पर क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। इस जलमार्ग पर किसी भी व्यवधान से भारत में कच्चे तेल की कीमतें और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
अल मिनहाद एयर बेस पर ईरानी हमले का दावा कितना विश्वसनीय है?
ईरान ने UAE के अल मिनहाद एयर बेस पर हमले का दावा किया है जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। अमेरिका या UAE की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
ईरान-अमेरिका तनाव आगे कहाँ जा सकता है?
IRGC ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हर हमले का जवाब 'और अधिक कड़े तरीके से' दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों देशों के बीच यह 'कार्रवाई-प्रतिकार्रवाई' चक्र खतरनाक रूप से बढ़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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