होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन, लारक द्वीप हमले के बाद तनाव चरम पर
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के लंबी दूरी वाले MQ-9 ड्रोन को मिसाइल से मार गिराने का दावा किया है। IRGC के अनुसार, ड्रोन निष्क्रिय होकर खाड़ी के पानी में जा गिरा। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक विस्फोटक बनाती है।
मुख्य घटनाक्रम
IRGC की आधुनिक एयर डिफेंस फोर्स ने सोमवार की सुबह होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन की पहचान की और तत्काल कार्रवाई करते हुए मिसाइल दागी। IRGC के बयान के अनुसार, ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया और वह समुद्र में गिर गया। गौरतलब है कि MQ-9 अमेरिकी वायु सेना का उन्नत निगरानी और हमलावर ड्रोन है जिसकी लंबी दूरी की उड़ान क्षमता इसे सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
लारक द्वीप हमले की पृष्ठभूमि
IRGC ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई रविवार रात हॉर्मोजगान प्रांत के लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब है। अमेरिका ने रविवार रात लारक द्वीप पर मौजूद IRGC के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। IRGC के दावे के अनुसार, इस हमले में कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक मारे गए या घायल हुए।
यूएई एयर बेस पर हमले का दावा
ड्रोन को मार गिराने से पहले ईरानी सेना ने सोमवार को ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल मिनहाद एयर बेस पर हमले का दावा किया, जिसमें कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि ईरान एकाधिक मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई की रणनीति अपना रहा है।
ईरान की चेतावनी
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आक्रामकता और अपराध इस्लामी गणराज्य ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को कमजोर करने की दुश्मन की कोशिशों में उसकी हताशा को दूर नहीं कर सकते। हर हमले का जवाब इससे भी अधिक कड़े और विनाशकारी तरीके से दिया जाएगा।' यह बयान स्पष्ट करता है कि तेहरान किसी भी अमेरिकी कार्रवाई को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा।
क्या होगा आगे
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है — दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर डाल सकता है। अमेरिकी प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका आने वाले घंटों में स्थिति की दिशा तय करेगी।