राहुल गांधी पर FIR: बिहार मंत्री राम कृपाल यादव बोले — 'राहुल परेशान, भविष्य नहीं दिख रहा'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने 31 अगस्त को पटना में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज एफआईआर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन दिनों 'परेशान' हैं और उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य नहीं दिख रहा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी पर अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया गया है।
राहुल गांधी पर FIR: क्या है मामला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से अनुसूचित वर्ग की भावनाएँ आहत हुई हैं। राम कृपाल यादव ने इस प्रकरण पर कहा कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक भविष्य की तलाश में 'लगातार कुछ न कुछ' करते रहते हैं।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ उपस्थित कई लोगों के बीच इस संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करना उचित नहीं था।
बिहार में जहरीली शराब से चार मौतें
बिहार में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के मामले पर राम कृपाल यादव ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में शराबबंदी लागू है और इसके बावजूद अवैध शराब बनाने की घटना कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की मुलाकात
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात पर राम कृपाल यादव ने कहा कि बैठक में 'निश्चित तौर पर कोई महत्वपूर्ण मुद्दा' रहा होगा। उन्होंने नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश का संदर्भ देते हुए कहा कि बढ़ते जलस्तर का असर बिहार पर भी पड़ सकता है। गौरतलब है कि बिहार पहले से ही संभावित बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है।
संजय कुमार सिंह पर आरोपों का बचाव
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव द्वारा मंत्री संजय कुमार सिंह पर लगाए गए आरोपों पर राम कृपाल यादव ने उनका पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि संजय सिंह 'अच्छे व्यक्ति' हैं और उनकी जानकारी के अनुसार उन पर पहले कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिना ठोस प्रमाण के किसी पर आरोप लगाने पर स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया होती है।
यह बयानबाजी बिहार की राजनीति में उस वक्त हुई जब राज्य एक साथ कई मोर्चों — बाढ़ की आशंका, शराबबंदी के उल्लंघन और राष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम — से घिरा हुआ है।