बिहार के मोतिहारी शराब कांड पर विवेक ठाकुर का बयान: राजनीति से दूर रहना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में जहरीली शराब से मौतें बढ़ रही हैं।
- राजनीति से दूर रहकर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
- विपक्ष ने सरकार की विफलता पर सवाल उठाए हैं।
- भाजपा सांसद ने मानसिक स्वास्थ्य पर जोर दिया है।
- यह परिवर्तन का चुनाव है।
पटना, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मोतिहारी में घटित शराब कांड पर विपक्ष डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला कर रहा है। उनका कहना है कि सरकार राज्य में शराबबंदी लागू करने में पूरी तरह असफल रही है, जिसके कारण जहरीली शराब पीने से लोगों की जानें जा रही हैं।
राजद के नेता तेजस्वी यादव ने मोतिहारी शराब कांड पर कहा कि जहरीली शराब पीने के कारण 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। कई अन्य व्यक्तियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यह घटना एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता को एक बार फिर उजागर करती है। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि शराबबंदी लागू होने के बाद से बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या कहीं अधिक हो सकती है। कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने इस घटना पर कहा कि ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह घटना अत्यंत दुखद है और उन परिवारों की चिंता करनी चाहिए जो इस प्रकार की घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और उचित कार्रवाई करेगा।
नालंदा के वायरल वीडियो मामले पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह एक मानसिकता का परिणाम है, जो कहीं भी हो सकती है। ऐसे व्यक्तियों को मानसिक उपचार की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कोई संदेह नहीं है कि यह दुखद है, लेकिन अब समय है कि परिवारों को सांत्वना दी जाए।
भाजपा सांसद ने सीएम ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उस पर ममता बनर्जी को ध्यान क्यों नहीं देना चाहिए। प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने बहुत कुछ स्पष्ट कर दिया है। वहां की वास्तविकता सभी जानते हैं।
भाजपा सांसद ने कहा कि यह परिवर्तन का चुनाव है, बंगाल को बचाने का चुनाव है।