मोतिहारी शराब कांड पर श्रवण कुमार का बयान: तेजस्वी यादव के आरोपों का किया खंडन
सारांश
Key Takeaways
- मोतिहारी शराब कांड को छिटपुट घटना करार दिया गया है।
- सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- तेजस्वी यादव के आरोपों का सरकार ने खंडन किया है।
- बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
- जांच प्रक्रिया जारी है।
पटना, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के संदर्भ में तेजस्वी यादव के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मंत्री ने इस शराब कांड को छिटपुट घटना करार देते हुए उचित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
मोतिहारी शराब कांड पर आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों के जवाब में श्रवण कुमार ने कहा, “हमारे यहाँ छिटपुट घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम इन घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
बिहार में शराबबंदी के बाद भी शराब पीने से हुई मौतों के बारे में मंत्री ने कहा, "इसकी गहन जांच की जा रही है, और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में न ले।"
तेजस्वी यादव द्वारा बिहार को देश का सबसे गरीब राज्य बताने पर श्रवण कुमार ने कहा, "बिहार की जनता ने उन्हें नकार दिया है और इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं। तेजस्वी के माता-पिता ने 15 वर्षों में बिहार को रसातल में पहुंचा दिया था और अपहरण उद्योग को बढ़ावा दिया था, जबकि नीतीश कुमार ने 20 वर्षों में बिहारी पहचान को गर्व का विषय बनाया। अब जब तेजस्वी को यह पसंद नहीं आ रहा है, तो वे अपने माता-पिता के दौर का प्रचार कर रहे हैं। जितना तेजस्वी बिहार का अपमान करेंगे, उतना ही जनता उन्हें जवाब देगी।"
ज्ञातव्य है कि मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से तीन दिन में 6 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को एनडीए सरकार की शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करने वाला बताया है। आंकड़ों के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद से बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।