मोतिहारी शराब कांड पर चिराग पासवान बोले: असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता
सारांश
Key Takeaways
- मोतिहारी शराब कांड में चार लोगों की मौत हुई।
- नीतीश कुमार की सरकार पर विपक्ष का आरोप।
- चिराग पासवान ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- महिला आरक्षण बिल पर सरकार की प्रतिबद्धता।
- शराबबंदी कानून की विफलता पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता।
पटना, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मोतिहारी में हाल ही में हुए शराब कांड ने नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला खड़ा किया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू किया गया शराबबंदी कानून पूरी तरह से असफल साबित हुआ है। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
मोतिहारी शराब कांड के संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि जहरीली शराब के सेवन से चार लोगों की मौत और छह लोगों की आंखों की रोशनी जाने की घटनाएं बेहद दुखद हैं। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता को उजागर करती है।
तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि यह प्रशासन या सरकार की गलती नहीं है, बल्कि असामाजिक तत्वों को पकड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं, सरकार ने तत्परता से कार्रवाई की है। हालांकि, इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए गहन चर्चा की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि जहरीली शराब का निर्माण कई असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध तरीके से किया जाता है। शराबबंदी एक उचित सोच है, लेकिन इसके पीछे जो तत्व काम कर रहे हैं, उन पर नियंत्रण कैसे किया जाए, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
महिला आरक्षण बिल को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि यह पीएम मोदी और उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नई संसद भवन के उद्घाटन के समय 'नारी शक्ति अधिनियम' को पेश करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था। उस समय विपक्ष ने इसे केवल एक दिखावा बताया था, जिससे भ्रम पैदा हुआ था।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि हम इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं। महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व एक लंबे समय से चल रही मांग है। उनकी पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है और हम इसे जल्द से जल्द लागू करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।