तेजस्वी यादव की टिप्पणियों पर शक्ति सिंह यादव ने दिया कड़ा जवाब, कहा सच बोलना अपराध नहीं
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव की केरल यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों पर शक्ति सिंह यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- सच्चाई को उजागर करना कोई अपराध नहीं है।
- महिला आरक्षण बिल पर आरजेडी का दृष्टिकोण स्पष्ट है।
- सरकार शराबबंदी के कानून का पालन करने में असफल है।
पटना, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने तेजस्वी यादव की केरल यात्रा के दौरान बिहार पर की गई टिप्पणियों, आगामी विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल और मोतिहारी में हाल की जहरीली शराब त्रासदी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
तेजस्वी यादव की केरल यात्रा के दौरान बिहार के बारे में की गई टिप्पणियों पर शक्ति सिंह यादव ने कहा कि दिन को दिन और रात को रात कहना कोई अपराध नहीं है। जो लोग सच्चाई से भागते हैं, वही इसे गलत ठहराते हैं। तेजस्वी यादव ने बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन, बेरोजगारी, प्रति व्यक्ति आय और निवेश की वास्तविक स्थिति को उजागर किया, जो तथ्यों पर आधारित है। एनडीए के नेता बिहार की हालत पर बदनामी का आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि अगर बिहार गरीब है तो क्या सच बोलना गलत है? यदि सच सामने आ जाता है, तो शर्मिंदगी होती है, इसी कारण वे 10 लाख करोड़ का पैकेज मांग रहे हैं। चिराग पासवान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लालू जी के शासन में जाति विशेष की हत्याएं नहीं होती थीं, जबकि आज की स्थिति भिन्न है। राजनीति में सच्चाई उजागर करने वाले को छिपने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए।
महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि आरजेडी इस बिल का समर्थन करती है, लेकिन आरक्षण के भीतर आरक्षण की आवश्यकता पर जोर देती है। पिछड़ी, अति पिछड़ी और दलित महिलाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि समाज के संपन्न और उच्च वर्ग की महिलाएं ही लाभान्वित न हों। बाबा साहेब अंबेडकर का सपना सामाजिक न्याय का है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी जैसी आयरन लेडी देश को संभाल सकती हैं, लेकिन बिहार की महिलाओं को भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व में समता के अवसर चाहिए। विशेष सत्र बुलाकर बिहार के हित में चर्चा की जा रही है।
मोतिहारी में हाल की जहरीली शराब से हुई मौतों पर शक्ति सिंह यादव ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ। नवादा, सीवान, मोतिहारी, वैशाली, गोपालगंज, समस्तीपुर आदि स्थानों पर पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार शराबबंदी का ढोंग कर रही है, लेकिन यह आंखें बंद किए बैठी है। शराबबंदी कानून अब सत्ता के लिए आर्थिक संसाधन का साधन बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि शराबबंदी असफल है और गरीबों को जहरीली शराब की ओर धकेल रहा है।