राजेश वर्मा ने तेजस्वी यादव पर कसा तंज, बिहार की जनता को बदनाम करने का लगाया आरोप
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव ने बिहार के खिलाफ टिप्पणी की, जिसे राजेश वर्मा ने गलत ठहराया।
- राजनीतिक नेता को अपनी राज्य की छवि की रक्षा करनी चाहिए।
- नीतीश कुमार की सुरक्षा में वृद्धि स्वाभाविक है।
- नालंदा की घटना की जांच आवश्यक है।
पटना, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने राजद नेता तेजस्वी यादव के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब राहुल गांधी विदेश जाते हैं, तो उन्हें देश के खिलाफ बयान देना स्वाभाविक लगता है। ठीक उसी तरह, जब तेजस्वी यादव केरल जाते हैं, तो वे बिहार के खिलाफ बोलते हैं।
राजेश वर्मा ने यह भी कहा कि बिहार के लोगों के प्रति अन्य राज्यों में कैसा व्यवहार किया जाता है, यह हम सभी ने देखा है। नेता विपक्ष के रूप में, तेजस्वी यादव केरल में जाकर बिहार के लोगों के खिलाफ अपनी बातें रखते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव का बिहार के लोगों के प्रति जो दृष्टिकोण है, वह दर्शाता है कि उन्हें बिहार से सच्चा प्रेम नहीं है। बिहार के विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें नकार दिया है, जिसका प्रतिशोध वो यहां के लोगों पर बयान देकर निकाल रहे हैं। केरल में वोट हासिल करने के लिए वे बिहार को बदनाम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ाने पर राजेश वर्मा ने कहा कि यह स्वाभाविक है। सीएम ने पिछले दो दशकों में बिहार की लगातार सेवा की है और बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाई है। उनकी सुरक्षा बढ़ने का स्वागत किया जाना चाहिए।
नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफे को लेकर तेजस्वी यादव के बयानों पर सांसद वर्मा ने कहा कि तेजस्वी ने पहले भी कई बार बेतुके बयान दिए हैं। नीतीश कुमार पर दबाव डालने की कोई कोशिश नहीं कर सकता। एनडीए में स्वभाविक राजनीति होती है। राज्यसभा जाने का निर्णय नीतीश कुमार का अपना है और हम उनका सम्मान करते हैं।
नालंदा की घटना पर उन्होंने कहा कि यह एक जांच का विषय है कि भगदड़ कैसे हुई। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हम जांच के समर्थन में हैं।