क्या बिहार के लोगों को जंगलराज नहीं चाहिए था, इसलिए तेजस्वी सत्ता से बाहर हुए? : नित्यानंद राय
सारांश
Key Takeaways
- जंगलराज के खिलाफ बिहार की जनता की आवाज़ उठ रही है।
- तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
- बिहार की जनता अब विकास चाहती है।
- नित्यानंद राय के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
- लालू परिवार और महागठबंधन पर लोगों का विश्वास उठ चुका है।
पटना, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने रविवार को राजद नेता तेजस्वी यादव पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने जंगलराज को नहीं अपनाया, इसलिए ये लोग सत्ता से बाहर हो गए।
नित्यानंद राय ने तेजस्वी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप भ्रष्ट हैं और आपका भ्रष्टाचार सिद्ध हो चुका है। आप उस परिवार से हैं जिसने जंगल राज को बढ़ावा दिया, जिसने विकास के बजाय विनाश, व्यक्तिगत लाभ और तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब बिहार संकट में था, तब आपने रोहिंग्याओं को सूची में शामिल किया। आपने बिहार के युवाओं की उम्मीदों को कुचला, फिर भी लोगों ने आपको वोट दिया।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ऐसे लोगों को सत्ता क्यों देगी, जो अब तक विकास नहीं कर पाए हैं? बिहार की जनता अब अपने लिए, अपने परिवारों और बच्चों के भविष्य के लिए विकास चाहती है। तेजस्वी पर लोगों का कोई भरोसा नहीं है। वे हार गए हैं, इसलिए बहाने बना रहे हैं।
तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर नित्यानंद राय ने कहा कि वह कब लौटेंगे, यह कहना मुश्किल है। कहीं ऐसा न हो कि वह विदेश में किसी गुरु से शिक्षा लेने गए हों, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि बिहार की जनता ने उन्हें ठुकरा दिया है। बिहार की जनता को वह जंगलराज अभी भी याद है, जब यहाँ लोग सुरक्षित नहीं थे। जबसे बिहार में एनडीए की सरकार बनी है, लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है कि तेजस्वी कोरोना काल में भी बिहार छोड़कर कहीं चले गए थे। कई बार ऐसा हुआ है कि बिहार बाढ़ से घिरा हो और उस समय भी वे बाहर चले गए। बिहारवासियों का लालू परिवार, महागठबंधन, राजद और तेजस्वी पर विश्वास उठ गया है।