बाराभूम रेलवे स्टेशन का नया रूप: यात्रियों और स्थानीय लोगों की प्रशंसा
सारांश
Key Takeaways
- बाराभूम रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत योजना के तहत हुआ।
- स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले चित्र लगे हैं।
- स्थान की स्वच्छता में सुधार देखने को मिला है।
कोलकाता, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित बाराभूम रेलवे स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत नए सिरे से विकसित किया गया है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह स्टेशन अब पहले से कहीं अधिक आकर्षक और सुसज्जित हो गया है। स्टेशन की दीवारों पर बने चित्र स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों और क्षेत्र की संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं। इसके अलावा, स्टेशन की स्वच्छता में भी काफी सुधार हुआ है।
स्थानीय निवासी देवानंद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "बाराभूम रेलवे स्टेशन अब बहुत अच्छा हो गया है। स्टेशन मास्टर भी बहुत सहयोगी हैं। दिसंबर से होली तक, इस स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।" एक यात्री राम प्रकाश शुक्ला ने कहा, "पहले बाराभूम रेलवे स्टेशन की स्थिति बहुत खराब थी, हर जगह कचरा और गंदगी फैली रहती थी। अब यह स्टेशन साफ-सुथरा और आकर्षक लग रहा है। यहाँ दूर-दूर से यात्री आते हैं।"
स्थानीय युवा सिद्धार्थ नंदी ने कहा, "अब स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। यहाँ आकर अच्छा अनुभव होता है। पहले यहाँ बहुत अव्यवस्था थी। अमृत भारत योजना के तहत हुए कायाकल्प के कारण स्थिति काफी बेहतर हुई है। भविष्य में, जब स्टेशन का पूरा निर्माण हो जाएगा, तो यात्रियों को सुखद अनुभव प्राप्त होगा।"
यह ध्यान देने योग्य है कि बाराभूम रेलवे स्टेशन, जो आदिवासी संस्कृति और विरासत के लिए जाना जाता है, दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र के आद्रा मंडल में स्थित है। अमृत भारत योजना के तहत इस स्टेशन के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 7.35 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था, जिसके अंतर्गत स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), लिफ्ट, अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर शेड, उच्च-स्तरीय प्लेटफॉर्म और नई लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा, स्टेशन के बाहरी क्षेत्र को नया रूप देते हुए बागवानी और साफ-सुथरे शौचालय भी बनाए गए हैं। ट्रेन कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर बैठने की व्यवस्था भी की गई है। बाराभूम झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।