असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने रेल मंत्री वैष्णव से मिले, 1,300 किमी ट्रैक और 50 स्टेशनों के पुनर्विकास पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार, 30 मई को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार एवं आधुनिकीकरण से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस बैठक में 1,300 किलोमीटर से अधिक रेल पटरियों के विस्तार और 50 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास पर केंद्रित चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुई चर्चा
दोनों नेताओं ने असम में जारी रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बैठक का विवरण साझा करते हुए कहा, 'हमारे विद्वान और अत्यंत ज्ञानवान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलना हमेशा ही सुखद होता है।' उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विचार किया, जो क्षेत्र की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए आवश्यक है।
अमृत भारत स्टेशन योजना का विस्तार
चर्चा का एक प्रमुख बिंदु अमृत भारत स्टेशन योजना रहा, जिसके अंतर्गत असम के 50 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाना है। इस योजना का उद्देश्य प्रमुख स्टेशनों पर विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएँ, सुगम पहुँच और आधुनिक बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, यह पुनर्विकास असम को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ राष्ट्रीय परिवहन मानचित्र पर और मज़बूती से स्थापित करेगा।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
चल रही रेलवे परियोजनाओं से दूरदराज़ के क्षेत्रों और प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों के बीच संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि इससे असम और पूर्वोत्तर में व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ माल ढुलाई क्षमता को मज़बूत करना भी इन परियोजनाओं का अहम हिस्सा है।
पूर्वोत्तर में रेल निवेश की बड़ी तस्वीर
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे परियोजनाओं में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र और असम सरकार दोनों ही अवसंरचना विकास को आर्थिक प्रगति के प्रमुख चालक के रूप में प्राथमिकता दे रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रा समय को कम करना और पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से अधिक निकटता से जोड़ना है।
आगे की राह
इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद परियोजनाओं की गति और तेज़ होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क न केवल असम, बल्कि समूचे पूर्वोत्तर के आर्थिक एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।