झारखंड विधानसभा में अवैध अफीम की खेती पर गहरी चिंता, 27 हजार एकड़ में फैली समस्या
सारांश
Key Takeaways
- अवैध अफीम की खेती झारखंड में एक गंभीर समस्या बन गई है।
- विधायक हेमलाल मुर्मु ने सरकार से जवाब मांगा है।
- 2024-25 में 27,215 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती हुई है।
- सरकार ने कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया है।
- यह समस्या युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है।
रांची, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को राज्य में अवैध अफीम की खेती का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। लिट्टिपाड़ा के विधायक हेमलाल मुर्मु ने इस विषय पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती बड़े पैमाने पर हो रही है, जो कानून-व्यवस्था और सामाजिक दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।
विधायक ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अफीम की अवैध खेती में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में लगभग 2871 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती का पता चला था। इसके बाद वर्ष 2022-23 में यह 5494 एकड़ और 2023-24 में 4853 एकड़ तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा अचानक 27,215 एकड़ तक पहुंच गया है। हेमलाल मुर्मु ने प्रश्न उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खेती किसके संरक्षण में हो रही है और सरकार ने इसे रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।
विधायक ने यह भी जानना चाहा कि पिछले चार वर्षों में अवैध अफीम की खेती से संबंधित कितने मामले दर्ज किए गए, उनमें कितनी जांच लंबित हैं और अब तक कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि युवाओं को नशे की ओर धकेलने का खतरा भी पैदा करती हैं, इसलिए इस पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।
बहुत से विधायकों ने हेमलाल मुर्मु की बात का समर्थन किया। इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्वीकार किया कि वर्ष 2024-25 में राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 27,215 एकड़ भूमि पर अफीम की अवैध खेती के मामले सामने आए थे।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर इस अवैध खेती को नष्ट करने की कार्रवाई की है। मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी को रोकने के लिए राज्य सरकार लगातार अभियान चला रही है। यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विभाग के किसी अधिकारी की संलिप्तता का मामला सामने नहीं आया है।