तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को समस्याओं को पहचानने और समाधान करने की सलाह दी
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव का एनडीए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना
- बिहार में अपराध और गरीबी का बढ़ता ग्राफ
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता
- डॉक्टरों के रिक्त पद और झोपड़ी में रहने वाले लोगों का आंकड़ा
- शराबबंदी कानून की स्थिति पर चिंता
पटना, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को एक बार फिर से एनडीए सरकार पर कटाक्ष किया है।
उन्होंने अपराध, गरीबी, पलायन, और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार को सलाह दी है कि जब तक आप समस्याओं का सही पहचान नहीं करेंगे और उनका समाधान नहीं करेंगे, तब तक आपको अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए हर बार चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं, भ्रष्ट अधिकारियों की गठजोड़, और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करना पड़ेगा।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार में देश में सबसे अधिक अपराध, गरीबी, पलायन, भ्रष्टाचार, और बेरोजगारी है। बिहार में हिंसक अपराध और अपहरण की घटनाएं सबसे अधिक हैं। दूसरी ओर, बिहार में सबसे कम साक्षरता दर, प्रति व्यक्ति आय, किसानों की आय, और प्रति व्यक्ति निवेश भी है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में डॉक्टरों के पदों में से लगभग 58 प्रतिशत रिक्त हैं, और देश में सबसे अधिक झोपड़ी में रहने वाले लोग भी बिहार के हैं, जहां 14 प्रतिशत जनसंख्या झोपड़ियों में निवास करती है।
उन्होंने आगे कहा, "इस पर गंभीरता से मनन करो और बताओ कि 21 वर्षों के एनडीए शासन के बाद भी बिहार के विकास संकेतक राष्ट्रीय औसत से इतना कम क्यों हैं?"
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में शिक्षा, रोजगार, आय, औद्योगिक विकास, उत्पादन, निवेश और स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकांश संकेतक बिहार में सबसे निचले स्तर पर हैं।
जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव रविवार को झारखंड की यात्रा पर हैं। झारखंड जाने से पहले उन्होंने बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की स्थिति सभी के सामने है, और सरकार के लोग ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।