क्या बंदूक वालों को कलम की ताकत समझ नहीं आती? : तेजस्वी यादव
सारांश
मुख्य बातें
समस्तीपुर, 20 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष ने कई ठोस सबूत पेश किए हैं, जो स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है।
तेजस्वी यादव 'बिहार अधिकार यात्रा' पर हैं। उन्होंने दावा किया है कि जनता का समर्थन उनके साथ है। वे आगामी विधानसभा चुनावों में बदलाव चाहते हैं।
तेजस्वी यादव ने बिहार की वर्तमान ‘डबल इंजन’ सरकार को ‘खटारा सरकार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता अब 20 साल पुरानी इस खटारा सरकार को विदा करेगी। जनता ऐसी सरकार चुनेगी, जिसके राज में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हों।
राजद नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की मध्यस्थता में भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो जाता है। इसके बाद वे भारत पर भारी टैरिफ लगा देते हैं। एच-1बी वीजा शुल्क में भी भारी वृद्धि कर दी गई है, जो हमारे आईटी पेशेवरों के लिए बड़ा झटका है। इससे साफ होता है कि हमारी नीतियां फेल हुई हैं।
अधिकार यात्रा के दौरान राष्ट्र प्रेस से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि अधिकार यात्रा में जनता का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। बिहार के लोगों को पढ़ाई, लिखाई, दवाई और सिंचाई का हक चाहिए। एनडीए राज में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन वे लगातार कलम बांट रहे हैं। हमारा मकसद कारखाने लगाना है। लोगों को नौकरी लगे, निवेश आए, यही जनता के असली मुद्दे हैं।
तेजस्वी ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे लोग तलवार और बंदूक बांटते हैं, पत्रकारों को पीटते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। मंत्री अपने पद पर बरकरार रहता है। उन्होंने कहा कि जनता 20 साल से चली आ रही इस खटारा सरकार को बदलना चाहती है।
भाजपा के आरोपों पर तेजस्वी यादव ने कहा कि जो लोग गाली-गलौज करते हैं, वे कलम नहीं बांटते। हमने बिहार में पंजीकरण कराकर कलम बांटी, क्योंकि, कलम से ताकतवर कोई चीज नहीं है। बंदूक वालों को कलम की ताकत समझ नहीं आती।
उन्होंने दावा किया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हमारी सीट भी चुरा ली थी। इस चुनाव में इनकी विदाई तय है।
बिहार में नेपाल जैसी स्थिति पर चिंता जताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि ऐसी स्थिति न आए तो बेहतर है। हम अराजकता के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन बेरोजगार युवाओं को नीतीश कुमार और भाजपा के लोग लाठी से पीट रहे हैं। जायज मांग पर प्रदर्शन करने वालों को पीटना अंग्रेज शासन से भी बुरा है।