तेजस्वी यादव का हमला: बिहार में पुलिस और सरकार की स्थिति गंभीर
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में पुलिस की स्थिति गंभीर है।
- अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
- सरकार का नियंत्रण पुलिस पर खत्म हो चुका है।
- गायघाट हत्या मामले में सही कार्रवाई की आवश्यकता है।
- विदेश नीति में सुधार की जरूरत है।
मुजफ्फरपुर, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बिहार में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हो चुकी है और सरकार का इकबाल समाप्त हो गया है।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस का मुख्य कार्य अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है, लेकिन हाल ही में गायघाट के चोरनिया गांव में एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या की घटना में आरोप थानाध्यक्ष पर ही लगा है।
उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि थानाध्यक्ष ने शराब के नशे में निर्दोष को गोली मार दी। उन्होंने आगे कहा कि अब पुलिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। बिहार अराजकता के दौर से गुजर रहा है। हर दिन गोलीबारी हो रही है और अपराधी जहाँ चाह रहे हैं, घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि गायघाट में हुई हत्या के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हम पीड़ित परिवार से मिलने का प्लान बना रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषी दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसे सजा दिलाई जाए। उन्होंने रसोई गैस की किल्लत के बारे में भी बात की, कहकर कि आगे और समस्याएं बढ़ सकती हैं। पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की विदेश नीति पूरी तरह असफल रही है और उसे जनता की कोई परवाह नहीं है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब से एनडीए की सरकार बनी है, तब से विदेश नीति का हाल बेहाल है। आज सरकार विदेशी नीति के नाम पर निजी पॉलिसी पर काम कर रही है, जिसका जनता को कोई लाभ नहीं है।