31 अगस्त 2026
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सारंडा में कुइली नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन ग्रामीण बहे, दो शव बरामद; एक महिला लापता

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सारंडा में कुइली नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन ग्रामीण बहे, दो शव बरामद; एक महिला लापता

सारांश

झारखंड के सारंडा में कुइली पहाड़ी नदी में अचानक आई बाढ़ ने तीन ग्रामीणों को बहा दिया — दो शव बरामद हो चुके हैं, एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान गई। लापता सुनीता सिद्धू की तलाश में पुलिस और ग्रामीण उफनती नदी से जूझ रहे हैं।

मुख्य बातें

31 अगस्त को सारंडा के बहदा गाँव के पास कुइली पहाड़ी नदी में अचानक बाढ़ से तीन ग्रामीण बह गए।
तीनों ग्रामीण रविवार शाम छह बजे एक अंतिम संस्कार से घर लौट रहे थे।
मुंडा रोया सिद्धू की माँ का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर झाड़ियों में मिला; बोसेन सिद्धू का शव सोमवार सुबह बरामद हुआ।
बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू अब भी लापता हैं; छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में तलाश जारी है।
रोया सिद्धू ने इस हादसे में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में 31 अगस्त को लगातार हो रही बारिश के बीच कुइली पहाड़ी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन ग्रामीण बह गए। इनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि सुनीता सिद्धू नामक एक महिला अब भी लापता है और तलाश जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब छह बजे तीनों ग्रामीण छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा गाँव में एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण कुइली पहाड़ी नदी में अचानक बाढ़ आ गई और तेज धार की चपेट में आने से तीनों बह गए।

यह ऐसे समय में हुआ जब सारंडा क्षेत्र में मानसून की भारी वर्षा के कारण अधिकांश छोटी नदियाँ और नाले उफान पर हैं। गौरतलब है कि सारंडा का यह वन क्षेत्र हर मानसून में इस प्रकार की त्वरित बाढ़ की घटनाओं के लिए संवेदनशील रहा है।

शव बरामदगी और सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने नदी के किनारे खोजबीन शुरू की। रविवार देर रात तलाश के दौरान एक महिला का शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर नदी की झाड़ियों में फंसा मिला। शव की पहचान मुंडा रोया सिद्धू की माँ के रूप में हुई।

इसके बाद छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुँची और ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया। सोमवार सुबह इस संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बोसेन सिद्धू का शव भी नदी से बरामद कर लिया गया।

लापता महिला की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, हादसे में अब भी लापता महिला की पहचान बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू के रूप में हुई है। पुलिस और ग्रामीण नदी किनारे, झाड़ियों तथा संभावित बहाव वाले इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है, जिससे सर्च ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है।

आम जनता पर असर

इस हादसे में रोया सिद्धू ने एक ही दिन में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। बहदा गाँव में इस दुखद घटना के बाद गहरे शोक का माहौल है। प्रशासन ने नदी के किनारे बसे अन्य गाँवों के निवासियों को सतर्क रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी है।

लगातार बारिश और उफनती नदियों के बीच सर्च टीमें संभावित बहाव वाले निचले क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं। सुनीता सिद्धू का पता चलने तक यह अभियान जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था। अंतिम संस्कार से लौट रहे ग्रामीणों का अचानक बाढ़ में बह जाना यह उजागर करता है कि सारंडा जैसे दूरस्थ इलाकों में आपदा पूर्व-चेतावनी प्रणाली लगभग अनुपस्थित है। हर मानसून में इस तरह की घटनाएँ दोहराई जाती हैं, फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते। एक परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मृत्यु और एक महिला का अब भी लापता रहना — यह आँकड़ा नहीं, नीतिगत विफलता का मानवीय चेहरा है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सारंडा में नदी बाढ़ हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 31 अगस्त को रविवार शाम करीब छह बजे झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र के बहदा गाँव के पास हुआ। लगातार बारिश के कारण कुइली पहाड़ी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और तीन ग्रामीण बह गए।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कौन लापता है?
अब तक दो शव बरामद किए गए हैं — मुंडा रोया सिद्धू की माँ और बोसेन सिद्धू । तीसरी पीड़ित सुनीता सिद्धू (पत्नी बामिया सिद्धू) अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
सर्च ऑपरेशन में क्या बाधाएँ आ रही हैं?
लगातार बारिश के कारण कुइली नदी का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है और तेज धार के चलते तलाशी अभियान में भारी कठिनाई हो रही है। पुलिस और ग्रामीण नदी किनारे, झाड़ियों और संभावित बहाव वाले इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं।
हादसे के समय तीनों ग्रामीण कहाँ से लौट रहे थे?
पुलिस के अनुसार, तीनों ग्रामीण बहदा गाँव में एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान नदी में अचानक बाढ़ आ गई और वे तेज धार में बह गए।
इस हादसे से किस परिवार को सबसे बड़ा नुकसान हुआ?
रोया सिद्धू को इस हादसे में सबसे बड़ा आघात लगा है — उन्होंने एक ही दिन में अपने माता और पिता दोनों को खो दिया। बहदा गाँव में गहरे शोक का माहौल है।
राष्ट्र प्रेस
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