सारंडा में कुइली नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन ग्रामीण बहे, दो शव बरामद; एक महिला लापता
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में 31 अगस्त को लगातार हो रही बारिश के बीच कुइली पहाड़ी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन ग्रामीण बह गए। इनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि सुनीता सिद्धू नामक एक महिला अब भी लापता है और तलाश जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब छह बजे तीनों ग्रामीण छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा गाँव में एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण कुइली पहाड़ी नदी में अचानक बाढ़ आ गई और तेज धार की चपेट में आने से तीनों बह गए।
यह ऐसे समय में हुआ जब सारंडा क्षेत्र में मानसून की भारी वर्षा के कारण अधिकांश छोटी नदियाँ और नाले उफान पर हैं। गौरतलब है कि सारंडा का यह वन क्षेत्र हर मानसून में इस प्रकार की त्वरित बाढ़ की घटनाओं के लिए संवेदनशील रहा है।
शव बरामदगी और सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने नदी के किनारे खोजबीन शुरू की। रविवार देर रात तलाश के दौरान एक महिला का शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर नदी की झाड़ियों में फंसा मिला। शव की पहचान मुंडा रोया सिद्धू की माँ के रूप में हुई।
इसके बाद छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुँची और ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया। सोमवार सुबह इस संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बोसेन सिद्धू का शव भी नदी से बरामद कर लिया गया।
लापता महिला की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, हादसे में अब भी लापता महिला की पहचान बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू के रूप में हुई है। पुलिस और ग्रामीण नदी किनारे, झाड़ियों तथा संभावित बहाव वाले इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है, जिससे सर्च ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है।
आम जनता पर असर
इस हादसे में रोया सिद्धू ने एक ही दिन में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। बहदा गाँव में इस दुखद घटना के बाद गहरे शोक का माहौल है। प्रशासन ने नदी के किनारे बसे अन्य गाँवों के निवासियों को सतर्क रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी है।
लगातार बारिश और उफनती नदियों के बीच सर्च टीमें संभावित बहाव वाले निचले क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं। सुनीता सिद्धू का पता चलने तक यह अभियान जारी रहेगा।