अरुणाचल बाढ़: केई पन्योर में मृतक संख्या 2 हुई, चौथे दिन भी 3 लोग लापता
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में लगातार बारिश से आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में मृतकों की संख्या बढ़कर 2 हो गई है। 27 जून को बचाव दल ने एनईईपीसीओ कॉलोनी के मलबे से 30 वर्षीय बल्लारी मराक (उर्फ ओलिन सिंकली) का शव बरामद किया। तीन अन्य लापता व्यक्तियों की तलाश अभियान चौथे दिन भी जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर बचाव दल ने याजाली सर्कल के पूसा क्षेत्र स्थित एनईईपीसीओ परियोजना कॉलोनी के मलबे से बल्लारी मराक का शव निकाला, जिसकी पहचान स्थानीय लोगों ने की। इससे पहले 24 जून को चलाए गए अभियान में विवेकानंद केंद्र विद्यालय (VKV) की शिक्षिका निर्मला गुप्ता (35) का शव बरामद हुआ था — यह इस आपदा में पहली पुष्टि मृत्यु थी। जिला प्रशासन के अनुसार, शुरुआत में कुल पाँच लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी।
अब भी लापता तीन लोगों की पहचान एलेश मराक (13 वर्ष), ताओ अंजिना (46 वर्ष) और सौरव कुमार (48 वर्ष) के रूप में हुई है।
राहत एवं बचाव अभियान
राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और केई पन्योर पुलिस की संयुक्त टीमें प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद लापता लोगों की तलाश में अनवरत जुटी हैं। 25 जून को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री, बचाव नौका और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवानों को प्रभावित क्षेत्र में पहुँचाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा में करीब 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का सरकारी अस्पताल में उपचार जारी है।
यातायात और बुनियादी ढाँचे पर असर
लगातार भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण पोटिन-किमिन राजमार्ग अब भी बंद है। सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन वाहनों, आवश्यक वस्तुओं और इंजीनियरिंग उपकरणों की आवाजाही को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनाइक और केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की कामना की है।
राज्यपाल परनाइक ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को मानसून के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश मानसून के दौरान हर वर्ष फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चपेट में आता है, और इस वर्ष की घटना उस दीर्घकालिक भौगोलिक संवेदनशीलता की एक और कड़ी है।
क्या होगा आगे
बचाव दल लापता तीनों व्यक्तियों — जिनमें एक किशोर भी शामिल है — की तलाश जारी रखेगा। पोटिन-किमिन राजमार्ग की बहाली के बाद ही सामान्य आवाजाही संभव हो सकेगी। मानसून की निरंतरता को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।