अरुणाचल फ्लैश फ्लड: केयी पैन्योर में 4 लापता की तलाश जारी, असम के 4 जिलों में हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में 25 जून 2026 को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद चार लापता लोगों की तलाश में बचाव दल लगातार दूसरे दिन भी जुटे रहे। इस आपदा में अब तक एक महिला शिक्षक की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पड़ोसी राज्य असम ने निचले इलाकों पर संभावित असर को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
आपदा का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते यजाली सर्कल क्षेत्र में अचानक बाढ़ आई, जिसने पूसा के निकट नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी को अपनी चपेट में ले लिया। निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल के ढह जाने से कॉलोनी और आसपास के निचले रिहायशी इलाकों में भारी जलभराव हो गया। इस आपदा में लगभग 20 घर और रिहायशी इकाइयाँ क्षतिग्रस्त हो गईं।
प्रारंभ में पाँच लोगों के लापता होने की सूचना थी। बचाव दल ने बुधवार दोपहर एक शव बरामद किया, जिनकी पहचान विवेकानंद केंद्र विद्यालय (VKV) की शिक्षिका निर्मला गुप्ता के रूप में हुई। शेष चार लापता व्यक्तियों में एलेश मारक (13 वर्ष), बलारी मारक (30 वर्ष), ताओ अंजीना (46 वर्ष) और सौरव कुमार (48 वर्ष) शामिल हैं।
घायल और बुनियादी ढाँचे को नुकसान
बाढ़ में कम से कम 20 लोग घायल हुए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है — इन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रभावित क्षेत्र में सामान से लदे कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री तथा अरुणाचल प्रदेश से लोकसभा सांसद किरेन रिजिजू ने गुरुवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में बाढ़ और भूस्खलन से हुई जान-माल की हानि और तबाही से बहुत दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि "बचाव, राहत और बहाली के कार्य जारी हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है।"
असम में हाई अलर्ट, चार जिले सर्वाधिक संवेदनशील
असम सरकार ने ऊपरी इलाकों में लगातार भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की आशंका है। बाढ़ की स्थिति में सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ और सोनितपुर जिले प्रभावित होंगे, इसके बाद राज्य के अन्य निचले इलाकों में पानी पहुँचने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि हालात पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक वर्षा से नदियाँ उफान पर हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र हर वर्ष मानसून के दौरान फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चपेट में आता है, लेकिन इस बार निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल के ढहने ने नुकसान को और गंभीर बना दिया।