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चुराचांदपुर में लापता छात्रा लैंबोइकिम की तलाश: SDRF और जिला प्रशासन का संयुक्त सर्च अभियान जारी

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चुराचांदपुर में लापता छात्रा लैंबोइकिम की तलाश: SDRF और जिला प्रशासन का संयुक्त सर्च अभियान जारी

सारांश

मणिपुर के चुराचांदपुर में 11 जून को बाढ़ में बह गई आठवीं कक्षा की छात्रा लैंबोइकिम की तलाश में SDRF और जिला प्रशासन ने 13 जून को संयुक्त अभियान शुरू किया। इन्फ्लेटेबल बोट और विशेष उपकरणों के साथ टीम 'जीरो पॉइंट' से खोज में जुटी है।

मुख्य बातें

11 जून 2025 को तुइबोंग, चुराचांदपुर में भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ में आठवीं कक्षा की छात्रा लैंबोइकिम बह गई।
छात्रा राधाकृष्णन फाउंडेशन स्कूल, तुइबोंग की छात्रा और के.
खोमुन्नोम गांव की निवासी है।
13 जून को SDRF और जिला प्रशासन, चुराचांदपुर ने संयुक्त खोज अभियान शुरू किया।
टीम लीडर हवलदार रियाजुद्दीन के नेतृत्व में टीम इन्फ्लेटेबल बोट और विशेष उपकरणों के साथ 'जीरो पॉइंट' से खोज कर रही है।
खराब मौसम और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण दो दिनों तक स्थानीय प्रयासों के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका।

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में 11 जून 2025 को बाढ़ के तेज बहाव में बह गई आठवीं कक्षा की छात्रा लैंबोइकिम की तलाश में जिला प्रशासन और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने 13 जून को बड़े पैमाने पर संयुक्त खोज अभियान शुरू किया। राधाकृष्णन फाउंडेशन स्कूल, तुइबोंग की यह छात्रा के. खोमुन्नोम गांव के खुपखोलुन तुबोई की बेटी है, जो स्कूल से घर लौटते समय तुइबोंग सब-डिविजन के लाइजॉन वेंग में अचानक आई बाढ़ में बह गई थी।

घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना

11 जून को लगातार भारी बारिश के कारण तुइबोंग के लाइजॉन वेंग इलाके में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। स्कूल से घर लौट रही लैंबोइकिम पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और उसे बहते हुए देखा गया। घटना के तुरंत बाद से ही स्थानीय युवा क्लब, सिविल सोसाइटी संगठन और समाजसेवी समूह खोज में जुट गए, परंतु खराब मौसम और पर्याप्त बचाव उपकरणों की कमी के कारण दो दिनों तक शव बरामद नहीं हो सका।

SDRF की तैनाती और अभियान की शुरुआत

तुइबोंग के सब-डिविजनल ऑफिसर के अनुरोध और डिप्टी कमिश्नर/DDMA चुराचांदपुर की मंजूरी के बाद इम्फाल से SDRF दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम लीडर हवलदार रियाजुद्दीन के नेतृत्व में यह टीम शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुँची और तत्काल 'जीरो पॉइंट' — जहाँ छात्रा को अंतिम बार बहते देखा गया था — से अभियान आरंभ किया। टीम ने खोज को तेज करने के लिए इन्फ्लेटेबल बोट और विशेष बचाव उपकरण तैनात किए हैं।

बचाव दल की प्रतिबद्धता

पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता को आश्वस्त करते हुए हवलदार रियाजुद्दीन ने कहा, 'हम जरूरी काम करने और शव मिलने तक खोज अभियान जारी रखने के लिए यहाँ मौजूद रहेंगे।' यह बयान उस समय आया जब परिजन और स्थानीय समुदाय दो दिनों से अनिश्चितता में थे।

आम जनता और समुदाय की भूमिका

घटना के पहले दिन से ही स्थानीय यूथ क्लब, सिविल सोसाइटी संगठन और चिंतित नागरिक स्वेच्छा से खोज में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि मणिपुर के पहाड़ी जिलों में मानसून के दौरान इस तरह की दुर्घटनाएँ असामान्य नहीं हैं, जहाँ बचाव अवसंरचना अभी भी सीमित है। SDRF की तैनाती से अभियान को पेशेवर दिशा मिली है।

आगे की स्थिति

अभियान फिलहाल जारी है और SDRF टीम तब तक खोज बंद नहीं करेगी जब तक शव बरामद नहीं हो जाता। मौसम में सुधार होने पर खोज का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना है। परिवार और समुदाय की निगाहें अब प्रशासनिक प्रयासों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण हो, परिवार के लिए बेशकीमती घंटे खो जाने जैसी है। असली सवाल यह है कि बाढ़-संभावित इलाकों में SDRF की पूर्व-तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र कब तक सुनिश्चित होगा, ताकि अगली बार 'जीरो पॉइंट' से शुरुआत करने की नौबत न आए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुराचांदपुर में लापता छात्रा लैंबोइकिम कौन है?
लैंबोइकिम मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के के. खोमुन्नोम गांव की निवासी और राधाकृष्णन फाउंडेशन स्कूल, तुइबोंग की आठवीं कक्षा की छात्रा है। वह 11 जून 2025 को स्कूल से घर लौटते समय तुइबोंग के लाइजॉन वेंग में बाढ़ के पानी में बह गई।
SDRF को खोज अभियान में क्यों बुलाया गया?
स्थानीय युवा क्लब और सामाजिक संगठन दो दिनों तक खोज करते रहे, लेकिन खराब मौसम और पर्याप्त बचाव उपकरणों की कमी के कारण शव बरामद नहीं हो सका। इसके बाद तुइबोंग के सब-डिविजनल ऑफिसर के अनुरोध पर डिप्टी कमिश्नर/DDMA चुराचांदपुर ने SDRF की तैनाती को मंजूरी दी।
SDRF की खोज टीम कहाँ से काम कर रही है?
हवलदार रियाजुद्दीन के नेतृत्व में SDRF टीम 'जीरो पॉइंट' — जहाँ छात्रा को अंतिम बार बहते देखा गया था — से खोज अभियान चला रही है। टीम इन्फ्लेटेबल बोट और विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग कर रही है।
क्या अभी तक लैंबोइकिम का शव मिला है?
13 जून तक शव बरामद नहीं हुआ था। SDRF टीम लीडर हवलदार रियाजुद्दीन ने कहा है कि टीम शव मिलने तक खोज अभियान जारी रखेगी।
यह दुर्घटना कब और कहाँ हुई?
यह दुर्घटना 11 जून 2025 को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग सब-डिविजन के लाइजॉन वेंग में हुई। लगातार भारी बारिश के कारण नाले में अचानक तेज बहाव आने से छात्रा उसमें बह गई।
राष्ट्र प्रेस
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