अलकनंदा में लापता NIT छात्र आनंद सोहन की तलाश चौथे दिन भी जारी, तेज धारा बनी बड़ी चुनौती
सारांश
Key Takeaways
- आनंद सोहन, NIT श्रीनगर के बीटेक तृतीय वर्ष (कंप्यूटर साइंस) छात्र, 26 अप्रैल 2026 को अलकनंदा नदी में नहाने के दौरान तेज बहाव में बह गए।
- छात्र तेलंगाना के निवासी थे और एसएसबी क्षेत्र के पास नदी में उतरे थे।
- तलाश अभियान श्रीनगर से मूल्यगांव तक जारी है; SDRF की अतिरिक्त टीमें आगे के क्षेत्रों में भी तैनात हैं।
- NIT श्रीनगर परिसर में छात्रों ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन कर गोताखोरों और रेस्क्यू बोटों की संख्या बढ़ाने की माँग की।
- नदी का तेज बहाव, गहराई और पत्थरीला तल रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में अलकनंदा नदी में लापता राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) श्रीनगर के छात्र आनंद सोहन की तलाश 29 अप्रैल 2026 को चौथे दिन भी जारी रही, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस, जल पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की संयुक्त टीमें लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना
26 अप्रैल 2026 की शाम करीब चार बजे बीटेक तृतीय वर्ष (कंप्यूटर साइंस) के छात्र आनंद सोहन, जो तेलंगाना के निवासी थे, एसएसबी क्षेत्र के पास अलकनंदा नदी में नहाने के दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया, जो तब से लगातार जारी है।
सर्च ऑपरेशन का दायरा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छात्र की तलाश के लिए श्रीनगर से मूल्यगांव तक नदी किनारे संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन की जा रही है। मूल्यगांव से आगे के क्षेत्रों में भी SDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। नदी का तेज बहाव, अधिक गहराई और पत्थरीला तल रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं।
NIT परिसर में छात्रों का धरना-प्रदर्शन
इस घटना को लेकर NIT श्रीनगर परिसर में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन से सर्च अभियान तेज करने की माँग की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने गोताखोरों और रेस्क्यू बोटों की संख्या बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया। छात्रों का कहना है कि उनके साथी को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तलाश तब तक जारी रहेगी, जब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ जाता।
परिवार और साथियों की बढ़ती चिंता
चार दिन बीत जाने के बाद भी छात्र का कोई सुराग न मिलने से परिवार और साथियों की चिंता लगातार गहरी होती जा रही है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पहाड़ी नदियों में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण इस तरह की दुर्घटनाएँ बार-बार सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में मौसम और नदी की स्थिति रेस्क्यू अभियान की दिशा तय करेगी।