मणिपुर में लापता 8 वर्षीय बच्ची का शव बरामद, संदिग्ध को हिरासत में लिया गया
सारांश
Key Takeaways
- मणिपुर में एक 8 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ।
- पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।
- आरोपी ने बच्ची के अपहरण और हत्या की बात कबूल की।
- क्षेत्र में तनाव के चलते प्रदर्शन हुए।
- मामले की गहन जांच जारी है।
इंफाल, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 8 साल की एक बच्ची, जो रविवार से लापता थी, सोमवार को इंफाल नदी के किनारे सिंगजामेई पुल के नीचे मृत अवस्था में मिली। पुलिस ने इस घटना की जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह बच्ची इम्फाल पूर्वी जिले के अकामपत राहत शिविर से रविवार शाम को गायब हुई थी। सोमवार को उसे सिंगजामेई पुल के नीचे मृत पाया गया। इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है, जिसे पुलिस ने इम्फाल पूर्वी जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश कर पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है।
यह नाबालिग बच्ची तेंगनौपाल जिले के मोरेह की निवासी थी और मई 2023 में राज्य में हुए जातीय दंगों के बाद से अकामपत राहत शिविर में रह रही थी।
बच्ची के परिवार ने इरिलबंग पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक तलाशी अभियान शुरू किया। इस अभियान में आईडीपी और स्थानीय निवासियों ने भी बच्ची को खोजने में मदद की।
इम्फाल पूर्वी और इम्फाल पश्चिमी जिलों की पुलिस टीमों ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक समन्वित तलाशी अभियान चलाया। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई, जिससे संदिग्ध की पहचान की जा सकी।
आरोपी की पहचान लैशराम लंगम्बा (28) के रूप में हुई है, जिसे हिरासत में लिया गया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, वह भी मई 2023 में हुई जातीय हिंसा के बाद उसी राहत शिविर में रह रहा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या की बात स्वीकार की और उसके शव को पुल के नीचे ठिकाने लगाने की बात भी कबूल की।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी के बयान के आधार पर, इंफाल नदी के किनारे सिंगजामेई पुल के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया गया। यह मामला प्रथम दृष्टया बलात्कार और हत्या का प्रतीत होता है।
इस घटना के बाद इंफाल में तनाव फैल गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में विस्थापित लोगों ने इरिलबुंग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी को कड़ी सज़ा देने की मांग की। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस
प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बाद में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई 'फास्ट-ट्रैक' आधार पर की जाएगी। मामले की आगे की जांच जारी है।