ईरानी संस्था का नया आंकड़ा, संघर्ष में मारे गए लोगों की संख्या तीन हजार पार
सारांश
Key Takeaways
- संघर्ष में मारे गए लोगों की संख्या 3,375 है।
- पुरुषों की संख्या 2,875 और महिलाओं की 496 है।
- संघर्ष के दौरान कई ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान हुआ।
- संघर्ष की अवधि 40 दिन थी।
- पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश की।
तेहरान, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में संघर्ष के दौरान तीन हजार से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा एक स्थानीय संस्था ने किया है। इस आंकड़े में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में अधिक है।
रविवार को ईरान की फोरेंसिक मेडिसिन संस्था द्वारा यह आंकड़ा जारी किया गया। संस्था के प्रमुख अब्बास मस्जेदी अरानी ने बताया कि संघर्ष में अब तक 3,375 लोगों की जान गई है, जिनमें 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं।
उन्होंने नागरिकों और सैनिकों की मौतों का अलग-अलग ब्योरा नहीं दिया है। ईरानी सरकार ने भी मृतकों की संख्या को स्पष्ट नहीं किया है। यह आंकड़ा उन शवों की पहचान के बाद सामने आया है, जिनकी जांच फोरेंसिक टीमों ने की। कई मामलों में शवों की पहचान करना मुश्किल था।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त एयर स्ट्राइक की, जो 40 दिन तक चली। इस दौरान ईरान का शीर्ष नेतृत्व लगभग समाप्त कर दिया गया, विश्वविद्यालय और स्कूल बमबारी में तबाह हुए और यूनेस्को की सूची में शामिल कई ऐतिहासिक स्थलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हमले में मिनाब स्थित प्राथमिक स्कूल में 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकतर बच्चियां थीं।
यह ताबड़तोड़ हमलों का दौर 40 दिनों तक चला और अंततः 8 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने 2 हफ्तों के अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा की।
इस बीच, पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश की और 9-10 अप्रैल को 'इस्लामाबाद टॉक्स' का आयोजन किया। ईरान और अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा, लेकिन 21 घंटे की वार्ता बिन नतीजे रही। इसके बाद दोनों डेलिगेशन अपने-अपने देश लौट गए।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया, जबकि ईरान की कमान स्पीकर एमबी गालिबाफ ने संभाली। वेंस ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि बातचीत सफल नहीं हो पाई और इसका नुकसान अमेरिका से अधिक ईरान को होगा।
वहीं, गालिबाफ ने एक पोस्ट में कहा कि उन्हें पहले ही विरोधी पक्ष की नीयत पर संदेह था। ईरान ने पूरी कोशिश की। भावुक पोस्ट में, उन्होंने ईरानी जनता का और प्रतिनिधिमंडल में शामिल सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।