अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 80,000 से अधिक नागरिक स्थानों पर किया हमला: ईरानी अधिकारी

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अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 80,000 से अधिक नागरिक स्थानों पर किया हमला: ईरानी अधिकारी

सारांश

ईरान रेड क्रेसेंट के अध्यक्ष ने बताया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ 80,000 से अधिक नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं। यह जानकारी युद्ध की गंभीर स्थिति को दर्शाती है।

मुख्य बातें

80,000 से अधिक नागरिक स्थानों पर हमले हुए हैं।
ईरान में 12 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है।
संयुक्त अरब अमीरात से हमलों की चेतावनी दी गई है।
इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।
कोलिवंद ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की बात की।

तेहरान, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान रेड क्रेसेंट सोसायटी के अध्यक्ष पीरहुसैन कोलिवंद ने जानकारी दी है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” की शुरूआत के बाद से 80,000 से अधिक नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं।

उन्होंने यह बात विदेशी मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन को भी उजागर किया।

कोलिवंद के अनुसार, जिन स्थानों पर हमले हुए हैं, उनमें से 20,000 से अधिक स्थान तेहरान में हैं, जबकि 60,000 से अधिक अन्य क्षेत्रों में हैं।

उन्होंने बताया कि देश में करीब 18,790 व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा 266 मेडिकल सेंटर और 498 स्कूलों पर भी हमले हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों में ईरान के 12 स्वास्थ्यकर्मियों की जान गई है और 90 से अधिक घायल हुए हैं।

कोलिवंद के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बच्चे और 231 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस युद्ध में अब तक 1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने देश के मध्य हवाई क्षेत्र में इजरायल के एफ-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान की सेना ने तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर सैन्य विमानों के ईंधन टैंकों पर भी हमला किया है।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने चेतावनी दी है कि अगर संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्र से दक्षिणी ईरानी द्वीपों पर हमले दोहराए गए, तो रास अल-खैमाह पर भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा, “जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं और करके दिखाया है, हम अपने देश और संप्रभुता पर होने वाले हर हमले का जवाब उसी जगह पर देंगे, जहां से हमला हुआ है।”

गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर हमला किया था। इस हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और आम नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें हजारों निर्दोष नागरिक शामिल हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं। सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और मानवता की रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने नागरिक स्थानों पर हमले हुए हैं?
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ 80,000 से अधिक नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं।
हमलों में कितने लोग मारे गए हैं?
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
ईरान ने किस प्रकार की प्रतिक्रिया दी है?
ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
कोलिवंद ने क्या कहा है?
उन्होंने बताया कि हमलों में 12 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है और 90 से अधिक घायल हुए हैं।
कौन से प्रमुख स्थानों पर हमले हुए हैं?
20,000 से अधिक हमले तेहरान में और 60,000 से अधिक अन्य स्थानों पर हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस